By अंकित सिंह | Jun 25, 2026
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को भाजपा का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि वह सिर्फ़ आरएसएस के इशारे पर काम करती है। खड़गे और आरएसएस के बीच आरएसएस के संवैधानिक और वित्तीय नियमों के पालन को लेकर स्पष्टता की मांग को लेकर खींचतान चल रही है। X पर एक पोस्ट में खड़गे ने दावा किया कि जब भी कोई आरएसएस पर सवाल उठाता है, तो भाजपा अपना आपा खो देती है और फन फैलाकर पलटवार करती है। उन्होंने पूछा कि जिस संगठन का आज़ादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था, वह अब देश को देशभक्ति का पाठ क्यों पढ़ाता है, और नागपुर में आरएसएस मुख्यालय पर तिरंगा फहराने में 52 साल क्यों लग गए? उन्होंने कहा कि इन दोनों ही सवालों पर भाजपा का रिएक्शन बचाव वाला होता है।
खरगे ने आगे यह भी पूछा कि आरएसएस असल में किस संविधान को मानता है—बाबासाहेब अंबेडकर वाले संविधान को, या उस संविधान को जिसे वे खुद लिखना चाहते थे? साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन न तो खुद को रजिस्टर करवाता है और न ही टैक्स भरता है। उन्होंने X पर कहा कि RSS को चुनौती देने पर BJP भड़क जाती है। जब भी कोई RSS पर सवाल उठाता है, BJP अपना आपा खो देती है। अगर आप पूछें कि जिस संगठन ने आज़ादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं दिया, वह अब देश को देशभक्ति का पाठ क्यों पढ़ाता है, तो BJP भड़क जाती है।
उन्होंने कहा कि अगर आप पूछें कि नागपुर में तिरंगा फहराने में 52 साल क्यों लगे, तो BJP भड़क जाती है। अगर आप पूछें कि वे असल में किस संविधान को मानते हैं - बाबासाहेब वाले को या उस संविधान को जो वे खुद लिखना चाहते थे - तो BJP भड़क जाती है। अगर आप पूछें कि वे खुद को रजिस्टर क्यों नहीं करवाते और टैक्स क्यों नहीं देते, तो BJP भड़क जाती है। अगर आप RSS से कहें कि वह अपनी ही बातों पर अमल करे, तो BJP भड़क जाती है। BJP हमेशा से RSS का ज़रिया रही है, सिर्फ़ उसकी सहयोगी नहीं। हर बार जब वे भड़कते हैं, तो इससे बस यही साबित होता है।
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