By अनुराग गुप्ता | Nov 23, 2021
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस लगातार बैकफुट पर जाती हुई दिखाई दे रही है। पहले सलमान खुर्शीद की किताब और अब मनीष तिवारी की किताब ने कांग्रेस को ही निशाना बनाया है। जिसके बाद भाजपा ने मौके को लपकते हुए पूर्ववर्ती मनमोहन सरकार को निकम्मी सरकार बता दिया। इसके अलावा हम बात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पंजाब दौरे की करेंगे, जहां पर वो लगातार चन्नी सरकार को निशाना बना रहे हैं और अंत में चर्चा शीतकालीन सत्र की होगी। जहां पर भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस ने रणनीतियां तैयार करना शुरू कर दिया है।
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस पुस्तक का सारांश है कि संयम शक्ति की निशानी नहीं है, 26/11 के मुंबई हमले के समय संयम कमजोरी माना जा सकता है। भारत को उस समय कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी। जब कांग्रेस की विफलताओं का ये कबूलनामा पढ़ा तो हर भारतीय की तरह हमें भी बड़ी पीड़ा हुई। उन्होंने कहा कि इस तथ्य के बाद आज स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस की जो सरकार थी वो निठल्ली, निकम्मी थी, लेकिन राष्ट्र सुरक्षा जैसे मुद्दे पर भारत की अखंडता की भी उनको चिंता नहीं थी।क्या केजरीवाल के संपर्क में हैं कांग्रेस विधायक ?विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रणनीतियां बनाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने इन दिनों पंजाब के दौरे पर हैं। इसी बीच उन्होंने अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 25 विधायक और 2-3 सांसद हमारे संपर्क में हैं जो आना चाहते हैं लेकिन हम उनका कचरा नहीं लेना चाहते हैं। यह गंदी राजनीति है, हम इसमें नहीं पड़ते हैं।इतना ही नहीं उन्होंने दिल्ली की तरह ही पंजाब में भी सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की बात की और चन्नी सरकार से लेकर शिअद तक को निशाने पर लिया। इसी बीच केजरीवाल ने पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सारी कांग्रेस सिद्धू को दबाने में लगी हुई है। लेकिन वो बात बिल्कुल सही करते हैं।
अंत में जाते-जाते देखिए गलवान घाटी के वीरों का सम्मान, 15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो-लेपर्ड के दौरान 16 बिहार रेजीमेंट के कर्नल संतोष बाबू समेत 20 जवान शहीद हो गए थे।