संसद में भाजपा को मात देने की तैयारी में जुटी कांग्रेस, सोनिया की अध्यक्षता में होगी महत्वपूर्ण बैठक

संसद में भाजपा को मात देने की तैयारी में जुटी कांग्रेस, सोनिया की अध्यक्षता में होगी महत्वपूर्ण बैठक

मानसून सत्र की तरह शीतकालीन सत्र भी हंगामेदार हो सकता है। मानसून सत्र में विपक्षी दलों ने पेगासस जासूसी मामला, किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की थी और सदन की कार्यवाही को बाधित किया था। ऐसे में इस बार भी सदन की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

नयी दिल्ली। संसद के आगामी शीतकालीन सत्र को लेकर कांग्रेस अपनी रणनीतियां तैयार कर रही है। इसके लिए पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी ने संसदीय रणनीति समिति की बैठक बुलाई है। आपको बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से आरंभ हो रहा है, जो 23 दिसंबर तक चलेगा। इससे पहले 25 नवंबर को सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली बैठक हो सकती है। 

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हंगामेदार रहने वाला है शीतकालीन सत्र !

मानसून सत्र की तरह शीतकालीन सत्र भी हंगामेदार हो सकता है। मानसून सत्र में विपक्षी दलों ने पेगासस जासूसी मामला, किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की थी और सदन की कार्यवाही को बाधित किया था। ऐसे में इस बार भी सदन की कार्यवाही बाधित हो सकती है। हालांकि सरकार ने तीनों कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान कर दिया है।

क्या कांग्रेस में मिलेगा TMC का साथ

पिछली बार कांग्रेस को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का थोड़ा बहुत साथ तो मिला था लेकिन विपक्षी दलों का नेतृत्व करने को लेकर मामला थोड़ा बिगड़ता हुआ दिखा। क्योंकि कांग्रेस राहुल गांधी को आगे बढ़ा रही है जबकि ममता बनर्जी खुद को विपक्षी दलों के चेहरे के तौर पर देखती हैं। ऐसे में इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस का टीएमसी का साथ मिलेगा भी या नहीं ?

आगे की लड़ाई के लिए वॉररूम में बनी योजना

कांग्रेस का वॉररूम कहे जाने वाले 15 गुरुद्वारा रकाबजगंज रोड पर हुई बैठक में पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारियों के साथ कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा और कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी शामिल हुए। 

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सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बैठक में कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की घोषणा के बाद इस विषय को लेकर आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। जबकि अन्य सूत्र ने बताया कि कांग्रेस की ओर से महंगाई, सीमा की स्थिति, किसान आंदोलन और बेरोजगारी को लेकर संसद से सड़क तक सरकार को घेरने की तैयारी की जा रही है। संभव है कि दिल्ली में कांग्रेस की जनसभा उसी समय हो, जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा हो।





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