By Neha Mehta | Jan 31, 2026
भारतीय बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और बीमा (BFSI) सेक्टर के लगातार बदलते परिदृश्य में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) ने वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) में शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है। मुनाफे में 56% तक की जोरदार बढ़त के साथ, ये बैंक निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के लिए चर्चा का केंद्र बन गए हैं। यह लेख प्रमुख PSU बैंकों के मजबूत वित्तीय नतीजों, हालिया शेयर बाजार तेजी के प्रभाव और आगामी बजट दिवस से जुड़ी संभावनाओं पर विस्तार से नजर डालता है।
तीसरी तिमाही के नतीजों ने कई PSU बैंकों के लिए सकारात्मक तस्वीर पेश की है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने शुद्ध लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जो महामारी के बाद आर्थिक सुधार का स्पष्ट संकेत है। देश के सबसे बड़े PSU बैंक SBI ने साल-दर-साल आधार पर 56% की जबरदस्त मुनाफा वृद्धि दर्ज की, जिसका मुख्य कारण खराब ऋणों में कमी और बेहतर नेट इंटरेस्ट मार्जिन रहा।
वहीं, केनरा बैंक ने 40% से अधिक की मुनाफा बढ़त के साथ अपने मजबूत कारोबारी मॉडल और प्रभावी प्रबंधन की झलक दिखाई। बैंक ऑफ बड़ौदा भी पीछे नहीं रहा और उसने 37% की लाभ वृद्धि दर्ज कर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले बैंकों में अपनी जगह बनाई। इन नतीजों से साफ है कि PSU बैंक बदलते बाजार हालात के अनुरूप खुद को ढालने में सक्षम रहे हैं।
Q3 में PSU बैंकों के शानदार प्रदर्शन के पीछे कई अहम कारण रहे हैं। सबसे बड़ा कारण गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) में आई गिरावट है, जिससे बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत हुई और लाभप्रदता में सुधार आया। बेहतर एसेट क्वालिटी के चलते बैंक न सिर्फ पुराने कर्ज की बेहतर वसूली कर पा रहे हैं, बल्कि विकास से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहे हैं।
इसके अलावा, बढ़ती ब्याज दरों ने भी बैंकों की नेट इंटरेस्ट इनकम को सहारा दिया है। ऋण पर ऊँची दरें और जमा पर प्रतिस्पर्धी ब्याज बनाए रखने से मार्जिन में सुधार हुआ, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ा।
हालिया शेयर बाजार तेजी ने PSU बैंक शेयरों की आकर्षण क्षमता को और मजबूत किया है। सकारात्मक बाजार धारणा के बीच निवेशक इन शेयरों में पूंजी लगा रहे हैं, जिससे इनके दाम और मार्केट कैपिटलाइजेशन में इजाफा हुआ है। यह तेजी आर्थिक सुधार, सरकारी सुधारों और कारोबार के विस्तार के साथ बढ़ती ऋण मांग की उम्मीदों से प्रेरित है।
रिकवरी के इस दौर में निजी बैंकों की तुलना में PSU बैंकों के मजबूत प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। खुदरा और संस्थागत दोनों निवेशकों की ओर से खरीदारी बढ़ने से इन शेयरों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है।
बजट दिवस के करीब आते ही PSU बैंकों पर सरकार की वित्तीय नीतियों का असर खासा महत्वपूर्ण रहेगा। निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार बैंकिंग सेक्टर को मजबूती देने के लिए पूंजी निवेश, ऋण प्रोत्साहन और वित्तीय समावेशन से जुड़े कदम उठा सकती है। बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन पर फोकस से ऋण मांग बढ़ सकती है, जिसका सीधा फायदा PSU बैंकों को मिलेगा।
बजट 2026 से BFSI सेक्टर को लेकर सरकार की दीर्घकालिक रणनीति के संकेत मिलने की उम्मीद है। यदि नीतियाँ अनुकूल रहीं, तो आने वाली तिमाहियों में PSU बैंकों के मुनाफे में और इजाफा देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, Q3 में PSU बैंकों का मजबूत मुनाफा उनके बेहतर संचालन, मजबूत बैलेंस शीट और बदलते आर्थिक माहौल में उनकी मजबूती को दर्शाता है। एसेट क्वालिटी, नेट इंटरेस्ट मार्जिन और बजट से जुड़ी संभावनाओं पर ध्यान बनाए रखते हुए ये बैंक आगे भी निरंतर वृद्धि की राह पर बने रह सकते हैं। बाजार में जारी तेजी और बेहतर निवेशक भावना के बीच, भारतीय BFSI सेक्टर की रिकवरी से लाभ उठाने के इच्छुक निवेशकों के लिए PSU बैंक शेयर आगे भी आकर्षण का केंद्र बने रह सकते हैं।