By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 28, 2026
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने लंबे समय से लंबित राज्य के दर्जे की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए शुक्रवार को कहा कि वह इस मुद्दे पर अपना इस्तीफा देने के लिए भी तैयार हैं। रंगासामी ने कहा कि उन्होंने केंद्र को याद दिलाया है कि केंद्र शासित प्रदेश को इस तरह “बिना अधिकारों के” नहीं चलाया जा सकता। मुख्यमंत्री ने ये बातें विधानसभा में चर्चा के दौरान कहीं।
हम सभी दिल्ली जाकर केंद्र के समक्ष राज्य का दर्जा देने की अपनी मांग रखेंगे।” उन्होंने कहा, “मैं इस बात से अवगत हूं कि पुडुचेरी के केंद्र शासित प्रदेश बने रहने के कारण सरकार और क्षेत्रीय विधानसभा के पास अधिकार नहीं होने से मौजूदा समय में सरकार को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मैंने कई मौकों पर राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई है और हाल में पुडुचेरी की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष भी यह मांग रखी थी।” रंगासामी सत्तारूढ़ एआईएनआरसी-भाजपा-एआईएडीएमके-एलजेडेके गठबंधन के प्रमुख हैं। उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री से विशेष रूप से कहा है कि हमारे लिए यह चिंता का विषय है कि हम अब भी अधिकारों के बिना बने हुए हैं।” उनका दृढ़ मत था कि पुडुचेरी के तेजी से विकास और कई योजनाओं को जल्द लागू करने के लिए “राज्य का दर्जा बेहद जरूरी है।” रंगासामी के बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों के लगभग सभी सदस्यों ने भी राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की।
कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष ए. अंबालगन ने कहा कि पुडुचेरी को राज्य का दर्जा देने के लिए केंद्र को राजी करने के उद्देश्य से विधानसभा अतीत में कई मौकों पर प्रस्ताव पारित कर चुकी है। अंबालगन ने यह भी कहा कि पुडुचेरी के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा हासिल करना कभी संभव नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए कई ऐसी शर्तें हैं, जिन्हें केंद्र शासित प्रदेश पूरा नहीं कर सकता। इसलिए केवल राज्य का दर्जा देने की मांग पर ही जोर दिया जाना चाहिए।