By अभिनय आकाश | Nov 19, 2025
विवादास्पद पुणे भूमि घोटाले की चल रही जाँच ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार को बड़ी राहत दी है। अनियमितताओं की जाँच के लिए गठित उच्च-स्तरीय मुथे समिति ने अप्रत्यक्ष रूप से पार्थ पवार को क्लीन चिट दे दी है। हालाँकि समिति की रिपोर्ट में बड़ी खामियों की पहचान की गई है और तीन लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया गया है। इनमें अमाडिया कंपनी के निदेशक दिग्विजय पाटिल, उप-पंजीयक रवींद्र तारु और शीतल तेजवानी शामिल हैं। लेकिन पार्थ पवार का नाम एफआईआर या रिपोर्ट में नहीं है, जिससे उन्हें सीधे आरोपों से बचाया जा रहा है।
महाराष्ट्र में महायुति सरकार के भीतर मंगलवार को तह सियासी घमासान मच गया, जब सीएम देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक का शिवसेना (शिंदे) के अधिकांश मंत्रियों ने बहिष्कार कर दिया। हालांकि, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बैठक में मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट की नाराजगी का कारण उसके नेताओं और विरोधियों का भाजपा में शामिल होना बताया जा रहा है। इसके साथ ही मंत्रियों ने फंड वितरण में कथित असमानता का भी आरोप लगाया है। वहीं, शिंदे गुट के मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि परिवार में झगड़े होते रहते हैं।