By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 02, 2026
चंडीगढ़, दो नवंबर पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने सोमवार को आप विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह और हरमीत सिंह पठानमाजरा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। पंजाब विधानसभा के लिए अगले साल होने वाले चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप)को झटका देते हुए अमृतसर उत्तर के विधायक कुंवर विजय प्रताप, सनौर के विधायक पठानमाजरा और समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सोमवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ले ली थी। पठानमाजरा और कुंवर ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है जबकि जौड़ामाजरा ने अभी तक अपनी विधायकी नहीं छोड़ी है।
कुंवर और पठानमाजरा के इस्तीफे स्वीकार किये जाने के बाद दो नवंबर से अमृतसर उत्तर और सनौर विधानसभा सीट खाली हो गई है। इसी के साथ पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा में अब ‘आप’ विधायकों की संख्या घटकर 92 रह गई है। कांग्रेस के सदन में 16 विधायक हैं जबकि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के तीन, भाजपा के दो, बहुजन समाज पार्टी का एक विधायक है।
एक सीट का प्रतिनिधित्व निर्दलीय कर रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब मामलों के प्रभारी सतीश पूनिया तथा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की मौजूदगी में सोमवार को कुंवर, जौड़ामाजरा और पठानमाजरा ने औपचारिक रूप से केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी का दामन थामा। आप नेता नील गर्ग ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पंजाब की सत्तारूढ़ पार्टी की चिंता करना छोड़ें और इसके बजाय ‘‘पंजाब के लोगों के बीच अपने गिरते राजनीतिक आधार और विश्वसनीयता’’ पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि लोगों का भरोसा, उनके मुद्दे और पंजाब का विकास ‘आप’ की सबसे बड़ी ताकत हैं, और नेताओं के दल बदलने से इसमें कोई बदलाव नहीं आएगा। गर्ग की यह टिप्पणी तब आई जब भाजपा ने दावा किया कि तीन विधायकों के जाने के बाद ‘आप’ का ‘झाड़ू’ (चुनाव चिह्न) बिखर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कुछ समय पहले ही इन विधायकों से दूरी बना ली थी, और बताया कि कुंवर विजय प्रताप सिंह को जून 2025 में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।
गर्ग ने कहा कि नेताओं के राजनीतिक फैसले उनके अपने होते हैं। आप नेता ने कहा कि भाजपा को कुछ लोगों के पार्टी छोड़ने को अरविंद केजरीवाल नीत दल के प्रति जनसमर्थन में कमी नहीं समझना चाहिए।