अरुसा आलम मामले में सामने आया कैप्टन अमरिंदर सिंह का बयान, सुखजिंदर को लगाई जमकर फटकार

By अनुराग गुप्ता | Oct 22, 2021

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के द्वारा लगाए गए आरोपों से हंगामा मचा हुआ है। इसी बीच कैप्टन अमरिंदर का बयान सामने आ गया। आपको बता दें कि कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि सुखजिंदर सिंह रंधावा अब निजी हमले कर रहे हैं।

दरअसल, सुखरिंजर सिंह रंधावा ने कहा था कि इस बात की जांच की जाएगी कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से पिछले कई वर्षों से मुलाकात करती रहीं पाकिस्तानी पत्रकार अरुसा आलम के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध हैं या नहीं।रंधावा के वादों का क्या हुआ ?पूर्व मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने उनके हवाले से ट्वीट किया कि सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बरगाड़ी कांड और ड्रग्स केस को लेकर जो वादे किए थे उनका क्या हुआ ?उन्होंने कहा कि सुखजिंदर आप मेरी कैबिनेट में मंत्री रहे थे। आपने कभी भी अरूसा आलम के बारे में कोई शिकायत नहीं की और वह 16 साल से भारत सरकार की मंजूरी के साथ यहां आ रही हैं। या आप आरोप लगा रहे हैं कि एनडीए और यूपीए सरकार की आईएसआई के साथ मिलीभगत रही।कैप्टन अमरिंदर ने आगे कहा कि मेरी चिंता इस बात को लेकर है कि सुखजिंदर त्योहारी सीजन में कानून व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय पंजाब पुलिस के डीजीपी को आधारहीन जांच पर लगा रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: कैप्टन अमरिंदर का हरीश रावत पर पलटवार, बोले- सेक्युलरिज्म पर बात न करें, 14 साल BJP में रहकर सिद्धू कांग्रेस में आया 

क्या बोले थे रंधावा ?

गौरतलब है कि रंधावा ने कहा था कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस में हुए हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर कैप्टन अमरिंदर के पद से हटने के बाद आलम वापस पाकिस्तान चली गईं। अरुसा लगभग साढ़े चार साल भारत में रहीं और समय-समय पर उनका वीजा बढ़ाया गया। दिल्ली ने उनका वीजा रद्द क्यों नहीं किया ? जब हम कैप्टन अमरिंदर के खिलाफ गए, तब वह भारत छोड़कर क्यों चली गईं ?

प्रमुख खबरें

Bhadohi से अगवा किशोरी Jaunpur में मिली, पुलिस ने आरोपी अरमान को पकड़ा

Top 10 Breaking News 24 August 2026 | Iran-US Economic War | Operation Sindoor | Singheshwar Temple Stampede | आज की मुख्य सुर्खियाँ यहां विस्तार से पढ़ें

Indonesia Forest Fire बुझाने के लिए 10,700 से अधिक दमकलकर्मी तैनात

जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक: संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा!