समर्थन मूल्य पर धान की खरीद शीघ्र शुरू हो: गहलोत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 05, 2021

 राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान की खरीद शीघ्र शुरू की जाए, ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें आर्थिक नुकसान नहीं हो।

इसे भी पढ़ें: राजस्थान: अब पंचायतें 10 लाख रूपये तक के विकास कार्यों की स्वीकृति जारी कर सकेंगी

उन्होंने लिखा है कि भारत सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का नीतिगत लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। समर्थन मूल्य पर कृषि जिंसों की खरीद का सीधा प्रभाव किसानों की आय पर पड़ता है। गहलोत ने कहा कि इस वर्ष धान की खरीद अभी तक शुरू नहीं होने से लागत में बढ़ोतरी की मार झेल रहे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि हनुमानगढ़ जिले के घग्गर बेल्ट में बासमती धान की फसल में बीमारी लगने के बाद पिछले 2 वर्षों से किसान बासमती के स्थान पर परमल धान की बुआई कर रहे हैं।

इससे उस क्षेत्र में परमल धान का उत्पादन काफी अधिक हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष परमल धान का समर्थन मूल्य 1888 रूपए प्रति क्विंटल था, जबकि बाजार भाव 1400 से 1600 रूपए प्रति क्विंटल रहा। समर्थन मूल्य पर धान की खरीद नहीं होने से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ। वर्ष 2021-22 में धान का समर्थन मूल्य 1960 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि बाजार में धान 1650 से 1700 रूपए प्रति क्विंटल बिक रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर जल्दी खरीद शुरू नहीं की गई तो इन किसानों को पिछले वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

इसे भी पढ़ें: लखीमपुर खीरी में हुई घटना की शरद पवार, नवाब मलिक ने निंदा की

प्रमुख खबरें

Indira Gandhi Stadium के पास 5 नवंबर शाम Traffic Restrictions, दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

Delhi Traffic Advisory | आज शाम इंदिरा गांधी स्टेडियम के आसपास रहेंगे कड़े ट्रैफिक प्रतिबंध, जानें किन रास्तों से बचें

Punjab Stubble Burning | पंजाब में पराली जलाने के बढ़ते मामलों पर CAQM सख्त, 12 जिलों के DC और SSP के साथ समीक्षा बैठक

उत्तराखंड में Land Monetisation पर विवाद, सरकार ने कहा चुनिंदा भूखंडों से बढ़ेगा राजस्व