पुष्कर सिंह धामी होंगे उत्तराखंड के नए CM, रविवार को होगा शपथग्रहण समारोह, जानें उनसे जुड़ी अहम बातें

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 03, 2021

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे। रविवार को शाम 6 बजे राजभवन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। भाजपा ने उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी को ऐसे समय राज्य की कमान सौंपी जब पार्टी अगले साल के शुरू में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। खटीमा से विधायक 45 वर्षीय धामी के लिए मुख्यमंत्री का पद उनके राजनीतिक करियर का अब तक का सर्वोच्च बिन्दु है और उन्हें इसके साथ ही अपने पूर्ववर्तियों द्वारा छोड़ी गईं समस्याओं का अंबार भी मिला है जिन्हें ठीक करने के लिए उनके पास थोड़ा ही समय है।

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राज्य में चाहे कोविड-19 से चरमराई अर्थव्यवस्था का मुद्दा हो, या फिर चारधाम यात्रा के निलंबित होने और हरिद्वार में कुंभ मेले के दौरान हुए कोविड जांच घोटाले का मुद्दा हो, या फिर देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ गंगोत्री और यमुनोत्री में पुजारियों के जारी आंदोलन का मुद्दा हो, धामी के समक्ष कई चुनौतियां हैं जिनसे उन्हें निपटना होगा। हालांकि, उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में धामी को चुनकर भाजपा ने चुनावी राज्य में पार्टी की नैया पार लगाने के लिए एक युवा नेता पर भरोसा व्यक्त किया है। धामी के समक्ष मुख्य चुनौती 2022 में लगातार दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत दिलाने की है। यद्यपि जिम्मेदारी कठिन है, लेकिन धामी ने खुद को भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के कुछ मिनट बाद ही उनके जैसे साधारण कार्यकर्ता पर विश्वास व्यक्त करने और इस तरह का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपने के लिए पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद व्यक्त किया। धामी ने आगे की चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह हर किसी के सहयोग से चुनौतियों से निपटने को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने अपने पूर्ववर्तियों द्वारा किए गए कार्य को आगे बढ़ाने और पूर्ण समर्पण के साथ लोगों की सेवा करने का वादा भी किया। उत्तराखंड विधानसभा में धामी 2012 से लगातार दो बार खटीमा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। खटीमा उत्तराखंड में कुमाऊं क्षेत्र के उधम सिंह नगर जिले में है। धामी का जन्म सीमावर्ती पिथौरागढ़ जिले के कनालीचिना गांव में में हुआ था। उनके पिता सैनिक थे। धामी ने बाद में खटीमा को अपनी ‘‘कर्मभूमि’’ बना लिया। वह महाराष्ट्र के राज्यपाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के करीबी माने जाते हैं जो उनके राजनीतिक गुरु रहे हैं। धामी कानून की डिग्री के साथ स्नातकोत्तर हैं और उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन में डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी किया है।

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परिजनों, समर्थकों में खुशी की लहर

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी का नाम घोषित होते ही यहां उनके परिजनों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड गई जिन्होंने ढोल नगाडे बजाकर जश्न मनाया और जमकर ठुमके भी लगाए। मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट तहसील के कनालीछीना के रहने वाले धामी का पूरा जीवन उधम सिंह नगर जिले के खटीमा में ही बीता है। उन्होंने यहीं अपनी शिक्षा ग्रहण की और छात्र राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने यहीं से 2012 में विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीते। वर्ष 2017 में एक बार फिर वह यहीं से दोबारा चुनाव जीते और विधायक बने। उन्होंने सरकार का हिस्सा बनकर भले ही काम नहीं किया हो लेकिन वह लंबे समय से संगठन के लिए कार्य करते रहे हैं। मुख्यमंत्री घोषित होने के बाद धामी ने कहा कि कनालीछीना उनकी जन्मभूमि है और खटीमा कर्मभूमि। खटीमा के नगरा तराई गांव में भी ढोल नगाड़ों के बीच उनके समर्थक खूब थिरके। खुशी के आंसुओं के बीच उनकी मां बिशना देवी ने कहा कि उनसे लोग कहा करते थे कि पुष्कर मुख्यमंत्री बनेगा और देश में नाम रोशन करेगा। उन्होंने कहा, आज वह दिन आ गया है और वह चाहती हैं कि पुष्कर लोगों के लिए अच्छा काम करे।’ धामी की पत्नी गीता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नडडा और गृहमंत्री अमित शाह का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि वह हमेशा की तरह अपनी इस जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाएंगे और राज्य के लोगों की सेवा करेंगे।

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