By निधि अविनाश | Aug 07, 2022
नोबेल पुरस्कार विजेता और भारत के राष्ट्रगान की रचना करने वाले रवींद्रनाथ टैगोर को गुरूदेव के नाम से भी जाना जाता था। वह एशिया के पहले ऐसे कवि थे जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ऐसा कोई ही भारतीय होगा जो इन्हें नहीं जानता होगा। देश का राष्ट्रगान लिखने वाले गुरूदेव हर भारतीय के दिलों में बसते है। आपको बता दें कि टैगोर ने न केवल भारत का राष्ट्रगान लिखा बल्कि दो और देशों का भी राष्ट्रगान लिखा। ये देश है बांग्लादेश और श्रीलंका। टैगोर ने अपनी रचनाओं से इन देशों के हर एक नागरिक को एक ही स्वर में बांध के रखा।
गीतांजलि, पूरबी प्रवाहिन, शिशु भोलानाथ, महुआ, वनवाणी, परिशेष, पुनश्च, वीथिका शेषलेखा और चोखेरबाली उनकी तमाम प्रसिद्ध किताबों से कुछ के नाम हैं, जिन्हें लोगों द्वारा काफी पसंद किया गया। 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष में महाकवि का देहांत हुआ।