By एकता | Apr 26, 2026
आम आदमी पार्टी के लिए इस समय संकट के बादल गहरा गए हैं। पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों, जिनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं, ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस बड़े सियासी घटनाक्रम के बाद मुंबई में आप कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है।
दूसरी तरफ, पार्टी छोड़ने वाले इन नेताओं का कहना है कि उन्होंने यह फैसला मजबूरी में और सोच-समझकर लिया है। नेताओं का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी अपने उन शुरुआती सिद्धांतों और मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिन पर पार्टी की नींव रखी गई थी। उनका तर्क है कि अब वे नई पार्टी में रहकर जनता के लिए बेहतर तरीके से काम कर पाएंगे।
यह घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के आंतरिक संकट को दर्शाता है। एक साथ सात राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा पार्टी के संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वर्तमान में पार्टी के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इस टूट ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में पार्टी इस स्थिति से कैसे उबरती है।