By अभिनय आकाश | Nov 06, 2026
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के इस बयान के बाद कि कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान आधार कार्ड के बजाय वोटर आईडी कार्ड से की जाएगी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि यह चुनावों में हेरफेर करने और नागरिकों के वोट देने के अधिकार छीनने की एक गहरी साजिश है, ताकि सत्ता पर हमेशा के लिए कब्जा बनाए रखा जा सके। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने दावा किया कि यह नई व्यवस्था नागरिकों के मौलिक अधिकारों के लिए खतरा है, क्योंकि इसमें सरकारी लाभों को सीधे मतदाता सूची से जोड़ दिया गया है, जिसमें उनके अनुसार हेरफेर की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भाजपा से नाराज हैं, उन्हें सबसे पहले निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार के मंत्री का ऐलान - योजनाओं का लाभ अब आधार से नहीं, बल्कि वोटर आईडी से तय होगा। यह साजिश बहुत गहरी है; इसे समझने के लिए थोड़ा समय निकालें।
गांधी द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में केंद्रीय मंत्री कहते हैं अब लाभार्थियों को भुगतान करने का आधार आधार कार्ड नहीं होगा। आधार कार्ड तो आजकल हर गली-मोहल्ले में मिल जाता है। बस उनसे कहिए, और वे 5 मिनट में आपका आधार कार्ड तैयार कर देंगे। इसलिए, अब आधार कार्ड आधार नहीं होगा। सभी लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए बायोमेट्रिक और 'एपिक' (EPIC) नंबर जो कि वोटर आईडी का नंबर होता है को आधार बनाया जाएगा और इसी के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इस बात को मुद्दा बनाते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) ने आरोप लगाया कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया की आड़ में, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आलोचकों और विरोधियों के लाखों नामों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें वोटर लिस्ट से हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा SIR की आड़ में लाखों नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं; अगर इसे नहीं रोका गया, तो और भी नाम हटा दिए जाएंगे। सबसे ज्यादा किन लोगों के नामों को निशाना बनाया जा रहा है? उन लोगों के, जो BJP से बहुत नाराज हैं। गांधी ने सरकार पर चुनावी डेटाबेस पर अपना नियंत्रण केंद्रित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब वोट सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हाथों में हैं, जो रंगे हाथों पकड़े गए हैं।
उन्होंने कहा मतदाता सूची एक निष्पक्ष चुनाव आयोग के हाथों में होनी चाहिए, लेकिन अभी यह मोदी सरकार के कर्मचारी ज्ञानेश कुमार के हाथों में है। हमने सबूतों के साथ रंगे हाथों पकड़ा है कि वे वोट चोरी करने के लिए भाजपा के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। ऐसी मतदाता सूची तैयार करने की तैयारी चल रही है जिसमें हमेशा भाजपा का बहुमत रहे, और अब यही सूची तय करेगी कि आपको सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा या नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्ताधारी पार्टी को हमेशा चुनावी फायदा दिलाने के लिए मतदाता सूचियों में हेरफेर करने की तैयारी चल रही है। इससे भारत एक हाईजैक किए गए लोकतंत्र में बदल जाएगा जहां जनता सरकार नहीं चुनती, बल्कि सरकार अपने लोगों को चुनती है। गांधी ने कहा नाम कटा, तो वोट गया। वोट गया, तो अधिकार गए। गांधी ने आगे आरोप लगाया कि यह व्यवस्था चुनाव चुराने का एक तरीका है, जिसका मकसद नागरिकों के वोट देने के अधिकार को छीनना है।