By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा है कि राज्य लोकसेवा आयोग ‘एमपीएससी’ के अध्यक्ष को इस्तीफा देना चाहिए और उनकी जगह ईमानदार एवं योग्य अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए। गांधी ने राज्य में 70,000 से अधिक रिक्त सरकारी पदों को तत्काल भरने की मांग भी की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र के छात्रों ने पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान उनके सामने पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियों, महंगी पढ़ाई, खराब छात्रावासों, भोजन की गुणवत्ता और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) में कथित धोखाधड़ी जैसी समस्याएं रखी थीं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा समन्वय समिति नामक संगठन ने अपना आंदोलन ‘सत्याग्रह’ के मंच के साथ संबद्ध किया है और युवा कांग्रेस तथा एनएसयूआई लगातार इस आंदोलन के साथ खड़े रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से छात्रों की मांगें पूरी होने तक उनके साथ खड़े रहने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को महाराष्ट्र सरकार के समक्ष फिर से उठाएंगे और इसके स्थायी समाधान की मांग करेंगे।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि छात्रों का भविष्य तय करने वाली संस्था पर ‘‘कब्जा’’ कर लिया गया है और कहा कि इसे ऐसे ही नहीं चलने दिया जाएगा। गांधी ने सत्याग्रह मंच की शुरुआत जनहित के मुद्दों को उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ बुलंद करने के उद्देश्य से की। उनका कहना है कि न्याय के लिए संघर्ष कर रहे लोग इस मंच के जरिये अपनी आवाज उठा सकते हैं।