By एकता | Oct 25, 2026
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडी गठबंधन की महारैली का प्रचार करने के लिए भाजपा और उसके सहयोगियों का धन्यवाद किया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लोगों से कथित वोट चोरी के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन और 'वोट बचाओ, देश बचाओ' मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
इससे एक दिन पहले भाजपा ने 1 नवंबर को होने वाली इस रैली की तारीख बदलने की मांग की थी। भाजपा का कहना है कि 1 नवंबर की तारीख 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी से जुड़ी है। ऐसे में इस दिन रैली करने से सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।
भाजपा प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर सिख समुदाय और कारोबारियों के प्रति संवेदनशील नहीं होने का आरोप लगाया। इस पर राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि वह भाजपा और उसके सहयोगियों के आभारी हैं, जो इतने उत्साह के साथ इस कार्यक्रम का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों से अगले सात दिनों तक इसी जोश के साथ प्रचार करते रहने को कहा।
प्रस्तावित रैली का दिल्ली के चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने भी विरोध किया है। सीटीआई ने कहा कि त्योहारी सीजन में रैली होने से कारोबार प्रभावित हो सकता है। संगठन ने राहुल गांधी से रैली को 10 नवंबर के बाद तक टालने का अनुरोध किया है।
सीटीआई के मुताबिक, इस रैली की वजह से करीब 10,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया ने भी रैली का विरोध किया है।
विपक्षी गठबंधन की यह पूरी मुहिम मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ी और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर है। इसी सिलसिले में विपक्षी दलों के नेताओं ने 30 अक्टूबर को दिल्ली के होटल अशोक में एक मॉक संसद आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पब्लिक इम्पीचमेंट चलाने की योजना भी बताई गई है।