By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 03, 2021
जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल से पहले हरियाणा कांग्रेस की प्रमुख कुमारी सैलजा की रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात के बाद मंगलवार को कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने भी यहां मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चर्चा की। एक के बाद एक हो रही इन मुलाकातों ने गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार में संभावित अड़चनों की अटकलों को लेकर हवा दे दी है। फेरबदल में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थक विधायक ज्यादा प्रतिनिधित्व चाहते हैं।
राजस्थान मंत्रिमंडल में अभी गहलोत सहित 21 मंत्रिमंडलीय सदस्य है। मंत्रिमंडल में नौ ओर लोगो को समायाजित किया जा सकता है। इसी तरह पार्टी इकाइयों में जिला स्तर पर नियुक्तियां होनी है। दिसम्बर 2018 में सत्ता में आई गहलोत सरकार ने आधा कार्यकाल पूरा कर लिया है। मंत्रिमंडल में फेरबदल और अन्य पदों पर राजनीतिक नियुक्तियों की मांग जून माह में उस समय तेज हो गई जब सचिन पायलट के कुछ करीबी विधायकों ने पिछले साल पार्टी आलाकमान द्वारा किये गये वादे पूरे नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की थी और कहा था कि आलाकमान द्वारा पिछले साल किए गए वादे पूरे नहीं हुए है। पिछले साल अशोक गहलोत सरकार से बगावत करने वाले पायलट गुट के कई विधायकों द्वारा बागी तेवर दिखाये जाने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने समाधान के लिये अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की एक कमेटी का गठन किया था। लेकिन उनका दावा है कि कई महीनों के बाद समाधान नहीं निकाला गया।