Ram Mohan Roy Birth Anniversary: Brahmo Samaj के संस्थापक Raja Ram Mohan Roy, जिन्होंने सती प्रथा के साथ Education System को भी बदला

By अनन्या मिश्रा | May 22, 2026

भारतीय समाज सुधारक और 'आधुनिक भारत के जनक' माने जाने वाले राजा राम मोहन राय का 22 मई को जन्म हुआ था। उन्होंने भारतीय समाज में फैले अंधविश्वासों और कुरीतियों के खिलाफ पुरजोर विरोध किया था। साल 1828 में उन्होंने ब्रह्म समाज की स्थापना की थी। राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा को खत्म करने के लिए बहुत संघर्ष किया था। वह नारी उत्थान के प्रबल समर्थक थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर राजा राम मोहन राय के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

रूढ़िवादी हिंदू परंपराओं के खिलाफ

राजा राम मोहन राय रूढ़िवादी हिंदू परंपराओं के खिलाफ थे। वह सभी तरह की सामाजिक धर्मांधता और अंधविश्वास के खिलाफ थे। लेकिन राजा राम मोहन राय के पिता रूढ़िवादी हिंदू ब्राह्मण थे। इस कारण पिता-पुत्र में मतभेद पैदा हो गया। वहीं राजा राम मोहन राय ने घर छोड़ दिया। वह वाराणसी चले गए और वहां पर उन्होंने उपनिषदों, वेदों और हिंदू दर्शन का अध्ययन किया।

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जिसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी के राजस्व विभाग में नौकरी शुरू कर दी। इस दौरान वह पश्चिमी संस्कृति एवं साहित्य़ के संपर्क में आए। इस दौरान उन्होंने जैन विद्वानों से जैन धर्म का अध्ययन किया और मुस्लिमों से सूफीवाद की शिक्षा ली।

सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष

राजा राम मोहन राय ने समाज की कुरीतियों जैसे सती प्रथा, बाल विवाह के खिलाफ खुल कर संघर्ष किया। उन्होंने गवर्नर जनरल लार्ड विलियम बेंटिक की सहायता से सती प्रथा के खिलाफ कानून बनवाया था। उनका कहना था कि वेदों में सती प्रथा का कोई स्थान नहीं था। उन्होंने घूम-घूमकर लोगों को समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरुक किया। इसके अलावा राजा राम मोहन राय ने महिलाओं के फिर से शादी करने और संपत्ति में हक समेत महिला अधिकारों के लिए अभियान चलाए।

वहीं राजा राम मोहन राय ने शिक्षा खासकर स्त्री शिक्षा का पुरजोर समर्थन किया था। उन्होंने विज्ञान, पश्चिमी चिकित्सा एवं प्रौद्योगिकी और अंग्रेजी के अध्ययन पर बल दिया। राजा राम मोहन राय मानते थे कि अंग्रेजी शिक्षा पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से बेहतर है। उन्होंने साल 1822 में अंग्रेजी शिक्षा पर आधारित स्कूल की स्थापना की थी।

मृत्यु

वहीं नवंबर 1830 में राजा राम मोहन राय ने ब्रिटेन की यात्रा की थी। वहीं 27 सितंबर 1833 को ब्रिस्टल के समीप स्टाप्लेटन में राजा राम मोहन राय का निधन हो गया था।

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