By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 04, 2019
नयी दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर अलग-अलग धारणाएं होने की वजह से अतिक्रमण की घटनाएं होती हैं लेकिन सीमा सुरक्षा को लेकर किसी को चिंता की जरूरत नहीं है तथा सेनाएं पूरी तरह चौकस हैं। शून्यकाल में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने चीनी सेना के कथित रूप से भारतीय क्षेत्र में आने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ हमारा रुख आक्रामक रहता है, लेकिन उसे मदद देने वाले चीन के खिलाफ सरकार का रुख नरमी वाला लगता है। उन्होंने कहा कि चीन के मामले में सरकार का रवैया हताशा पैदा करने वाला है और उसके खिलाफ इतनी नरमी क्यों है?
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रक्षा मंत्री ने कहा कि इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए कई प्रणाली हैं जिनमें अतिक्रमण, उल्लंघन के मुद्दों को सुलझाया जाता है। इनमें एनएसए के बीच वार्ता, राजनयिक स्तर पर वार्ता और संयुक्त सचिव स्तर पर वार्ता आदि शामिल हैं। सिंह ने बताया कि चीन की सीमा पर सुरंग आदि बुनियादी ढांचों का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सरकार समीक्षा करती है और उसी अनुसार निर्णय भी लेती है।