By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 06, 2021
बहराइच (उप्र)| भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने लखीमपुर खीरी में केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत की घटना के आरोपी एवं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की गिरफ्तारी की मांग करते हुए मंगलवार को कहा कि मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी के लिए सरकार को एक हफ्ते का समय दिया गया है और अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे अगली रणनीति पर विचार करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मारे गये किसानों के भोग (क्रिया) के दिन हम सब यहां फिर इकट्ठा होंगे और तभी आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।’’ टिकैत ने लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मारे गए किसान गुरविंदर सिंह के घर मंगलवार शाम पहुंचकर देर रात पत्रकारों से कहा कि मंत्री के पुत्र को कई लोगों ने घटनास्थल पर देखा है और लोगों के पास कई वीडियो हैं जो खीरी में इंटरनेट सेवा बहाल होते ही सामने आएंगे।
टिकैत ने कहा, ‘‘प्रशासन ने एक हफ्ते में मंत्री के पुत्र को गिरफ्तार करने की बात कही है और यदि ऐसा नहीं होगा, तो चारों किसानों के भोग वाले दिन हम एक जगह कार्यक्रम करेंगे और तभी अगली रणनीति पर विचार होगा।’’
उन्होंने लोगों से मिली सूचना के हवाले से आरोप लगाया कि गृह राज्य मंत्री एवं उनका बेटा माफिया एवं अपराधी हैं और वे लोग डीजल चोरी में भी लिप्त हैं। टिकैत ने कहा कि पीजीआई लखनऊ से पांच विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम द्वारा मृतक गुरविंदर सिंह का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति बनी है।
इस बीच, लखीमपुर खीरी से मिली खबर के अनुसार प्रदर्शनकारी किसानों और अधिकारियों के बीच हुए समझौते के अनुसार, खीरी जिले के अधिकारियों ने दो मृतक किसानों के परिजनों को मुआवजे के चेक सौंपे। हिंसा में मारे गये पलिया तहसील के लवप्रीत सिंह और धौरहरा तहसील के नछत्तर सिंह के परिजनों को मंगलवार रात 45-45 लाख रुपये के चेक सौंपे गये।
मंगलवार रात जारी एक सरकारी बयान में कहा गया कि खीरी के जिलाधिकारी डॉक्टर अरविंद कुमार चौरसिया ने मृतक लवप्रीत सिंह के परिजनों को मुआवजे का चेक सौंपा, जबकि मुख्य विकास अधिकारी अनिल सिंह एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त) संजय कुमार सिंह ने नछत्तर सिंह के परिजनों को चेक दिया।