By अंकित सिंह | Aug 16, 2025
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता राम माधव ने शनिवार को पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर द्वारा भारत को परमाणु युद्ध की धमकी दिए जाने पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि इस तरह की धमकी से कोई नहीं डरता और भारत में ऐसी धमकियों का जवाब देने की समझ है। कुछ दिन पहले अमेरिका यात्रा के दौरान मुनीर द्वारा की गई इस टिप्पणी का विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध किया था और नई दिल्ली ने इस तरह की बयानबाजी जारी रखने पर दर्दनाक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।
उन्होंने कहा कि हम बहुत भावुक लोग हैं, हम ट्रंप के तरीके को क्यों नहीं समझ पा रहे हैं? ट्रंप ने खतरनाक उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन के साथ भी संपर्क बनाए रखा है, सिंगापुर में उनसे बात की है और कहा है कि वे दोस्त हैं। इसी वजह से उत्तर कोरिया और अमेरिका के रिश्तों में कोई बदलाव नहीं आया। बस यूँ ही, वह (डोनाल्ड ट्रंप) सोचते हैं कि बुरे लोगों के साथ काम करके मैं उन्हें ठीक कर दूँगा।
ट्रम्प द्वारा बार-बार टैरिफ लगाने की धमकी और भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम समझौते के झूठे दावों के बारे में माधव ने कहा, "ट्रम्प उतने सरल नहीं हैं जितना हम पहले सोचते थे। वह एक बड़े लेन-देनवादी व्यक्ति हैं और उनके दिमाग में यह स्पष्ट है कि वह जो कुछ भी कर रहे हैं, वह अमेरिकी अर्थव्यवस्था की ताकत बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। यही उनका लक्ष्य है।" अफगानिस्तान में युद्ध के लिए अमेरिका ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेश मुशर्रफ से हाथ मिलाया था, इसका जिक्र करते हुए माधव ने कहा, "वह मुनीर के साथ ऐसा कर रहे हैं, हम इसका पूरी तरह विरोध करते हैं, लेकिन अमेरिका ने (परवेज़) मुशर्रफ के साथ भी यही राजनीति की थी, वह मुशर्रफ आतंकवाद का इतना समर्थन करते थे। अमेरिका ने अफगानिस्तान में युद्ध के लिए मुशर्रफ से हाथ मिलाया था, तब भी हमने इसका विरोध किया था। अपने हितों को सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की एक खास शैली है।"