By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 18, 2026
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को एक निजी मलयालम समाचार चैनल के दफ्तर में हाल ही में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस की ज्यादती के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि तलाशी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की गई थी। चेन्निथला ने कहा कि सरकार ने रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (आरबीसी) के प्रायोजन में लियोनेल मेस्सी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के केरलम दौरे के विफल होने से जुड़े विवाद के संबंध में ‘बहुत पारदर्शी’ कदम उठाए हैं। उन्होंने मीडिया को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया।
आरबीसी इस मामले में दूसरा आरोपी है। इसीलिए पुलिस ने वहां तलाशी ली।’’ केरलम के गृह मंत्री ने बताया कि कलामासेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और अदालत से तलाशी वारंट मिलने के बाद एक साथ पांच जगहों पर तलाशी ली गई थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र गवाह मौजूद थे और पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की गई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘छापेमारी के दौरान पुलिस की ओर से कोई ज्यादती नहीं हुई। किसी भी पत्रकार के साथ मारपीट या बुरा बर्ताव नहीं किया गया। पुलिस ने तलाशी के दौरान उनसे अपने फोन एक तरफ रखने को कहा, लेकिन तुरंत वापस भी कर दिए।
चैनल के प्रसारण में एक मिनट के लिए भी कोई रुकावट नहीं आई।’’ चेन्निथला ने कहा कि अगर पुलिस की ओर से कोई चूक हुई है, तो वह निश्चित रूप से इसकी जांच कराएंगे और सभी कार्रवाइयां न्यायिक जांच के दायरे में हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं द्वारा मीडिया के माध्यम से शिकायतें उठाए जाने के बाद उन्होंने जानकारी मांगी थी और यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस की ओर से कोई ज्यादती नहीं हुई थी। पिछली एलडीएफ सरकार के दौरान हुई घटनाओं का ज़िक्र करते हुए चेन्निथला ने कहा कि केरल ने एक वरिष्ठ पत्रकार को हथकड़ी लगाकर गिरफ्तार किए जाने और 70 दिन तक जेल में रखे जाने की घटना देखी थी।