By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 21, 2026
राष्ट्रपति भवन ने शुक्रवार को जारी अपने उस बयान को वापस ले लिया जिसमें बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के स्वागत समारोह से जुड़ी पूर्ण तैयारियों के लिए शनिवार के ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह को रद्द करने की घोषणा की गई थी। इससे इस उच्च स्तरीय दौरे को लेकर नए तरह का असमंजस पैदा हो गया है। पहले बयान में कहा गया था कि राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में कल शनिवार को होने वाला ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह(सुरक्षा गार्ड को बदले जाने से जुड़ा सैन्य कार्यक्रम) अब नहीं होगा, क्योंकि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत के लिए पूर्ण अभ्यास किया जाना है।
इस घटनाक्रम से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित नयी दिल्ली दौरे को लेकर कूटनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है। यह अनिश्चितता दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालिया तनाव के कारण है, जो ढाका की ओर से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग किए जाने से पैदा हुई है। ‘ब्रिक्स’ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का भारत दौरा प्रस्तावित है।
इससे पहले मंगलवार को, भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में बांग्लादेशी व्यापारिक नेताओं और भारत से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रहमान की यात्रा को ‘यादगार’ बनाना चाहते हैं। त्रिवेदी ने कहा था, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने बस एक बात कही है।
हमें मिलना चाहिए।’’ सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस को बृहस्पतिवार को दिए गए एक साक्षात्कार में बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा था कि जब तक ‘आपसी भरोसे’ का माहौल नहीं बन जाता और नयी दिल्ली की ओर से ‘सम्मानजनक आमंत्रण’ नहीं मिलता, तब तक रहमान के शिखर सम्मेलन में शामिल होने की संभावना ‘बहुत कम’ है।