By अभिनय आकाश | Oct 26, 2026
वरिष्ठ AIADMK नेता आर. बी. उदयकुमार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर आरोप लगाया है कि वे आपदा प्रबंधन, जन सुरक्षा और महंगाई पर नियंत्रण के बजाय, अपने सहयोगियों के लिए कार्यालय की सजावट और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। एक वीडियो बयान में उदयकुमार ने नई बनी TVK सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने राज्य में हाल ही में शुरू की गई उस योजना में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया, जिसके तहत 30 रुपये प्रति किलो की दर से बढ़िया किस्म के चावल बेचे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का काम क्या है? क्या बस मुख्यमंत्री कार्यालय को सजाना, पट्टिकाएं लगवाना और उनके आवास को सुंदर बनाना ही उनका काम है? आपदा और भारी बारिश के समय, युद्ध स्तर पर कदम उठाए जाने चाहिए। इसके बजाय, आपके प्रशासन को तो यह भी नहीं पता कि जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों को कैसे नियंत्रित किया जाए।
उन्होंने दावा किया जिन लोगों ने ये चावल खरीदे हैं, वे अरियालुर, सलेम और नमक्कल जैसे जिलों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे अपने पैसे वापस मांग रहे हैं क्योंकि इन चावलों से बदबू आती है और ये इतने खराब हैं कि मुर्गियों के चारे के लायक भी नहीं हैं।" उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले भी DMK सरकार को इसी तरह के जन-आक्रोश का सामना करना पड़ा था, जब उसने बाजार की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सड़े हुए प्याज बेचने की कोशिश की थी। उधयकुमार ने मांग की कि सरकार खरीद प्रक्रिया पर एक 'श्वेत पत्र' (white paper) जारी करे। अगर सरकार का दावा है कि वह मुफ्त मिलने वाले चावलों को पॉलिश नहीं कर रही है, तो फिर ये नए चावल कहाँ से खरीदे गए? इसके लिए टेंडर कहाँ जारी किया गया था? ये किससे खरीदे गए, कितनी मात्रा में खरीदे गए और किस कीमत पर खरीदे गए?