ब्रोकरेज कंपनियों ने दी राय, अक्टूबर में ब्याज दरों में और कटौती करेगा RBI

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 13, 2019

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक अगले महीने मौद्रिक समीक्षा बैठक में नीतिगत दरों में और कमी कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुद्रास्फीति की दर रिजर्व बैंक के अनुमान के अनुरूप रहने की संभावना है। ऐसे में केंद्रीय बैंक दरों में और कटौती कर सकता है। घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज कंपनियों के अनुसार मुद्रास्फीति में कमी और औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर सुस्त पड़ने से केंद्रीय बैंक मौद्रिक रुख नरम कर सकता है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति मामूली वृद्धि के साथ 3.21 प्रतिशत रही है। जुलाई में यह 3.15 प्रतिशत के स्तर पर थी। खाद्य वस्तुएं महंगी होने से मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह जुलाई महीने में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि दर सुस्त पड़कर 4.3 प्रतिशत रही है। विनिर्माण क्षेत्र के खराब प्रदर्शन की वजह से आईआईपी की रफ्तार सुस्त हुई है। 

इसे भी पढ़ें: रिजर्व बैंक का नेत्रहीन लोगों को तोहफा, असली नोट की पहचान के लिए लॉन्च करेंगे एप

जापान की वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी नोमुरा के शोध नोट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति के स्थिरता और औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर सुस्त पड़ने की वजह से अक्टूबर की मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दर में और कटौती की उम्मीद है।हमारा अनुमान है कि चौथी तिमाही में कुल मिलाकर नीतिगत दरों में 0.40 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। नोमुरा ने कहा कि रिजर्व बैंक का चालू वित्त वर्ष के लिए 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान कुछ अधिक आशावादी है। चार अक्टूबर की मौद्रिक समीक्षा में इस अनुमान को कम किया जा सकता है। 

इसे भी पढ़ें: रिजर्व बैंक ने बैंकों से ऋण की ब्याज दर को बाहरी मानक से जोड़ने का दिया निर्देश

बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) के अनुसार निवेश को प्रोत्साहन के लिए वास्तविक बयाज दरों को नीचे लाना जरूरी है। ऐसे में रिजर्व बैंक को नीतिगत दरों में और कमी करनी होगी। बोफाएमएल के शोध नोट में कहा गया है कि चार अक्टूबर की मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में 0.50 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश बनती है। अगस्त महीने में मुद्रास्फीति उम्मीद से कम यानी 3.2 प्रतिशत रही है इसलिए नीतिगत दरों में कटौती की संभावना है। घरेलू ब्रोकरेज कंपनी कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती करेगी। अक्टूबर में इसमें 0.40 प्रतिशत कटौती की उम्मीद है। 

प्रमुख खबरें

क्या सच में इमरान खान की मौत हो गई? PTI बोली- 20 लाख लोग तैयार रहे

Shaurya Path: Kargil War के दौरान क्या America ने सचमुच India के GPS Signals Degradation कर धोखा दिया था?

Kerala Drug Row: कासरगोड ड्रग्स मामले में VD Satheesan पर CPI(M) का बड़ा हमला, बताया गंभीर Drug Connection

Health Tips: Digital Age में ब्रेन स्ट्रोक का नया लक्षण Dystextia, मोबाइल पर गलत मैसेज भेजना हो सकता है Stroke का संकेत