RBI की Financial Stability Report का खुलासा, AI Boom बन सकता है भारतीय बाजार के लिए नया संकट

By Ankit Jaiswal | Jun 30, 2026

वैश्विक शेयर बाजारों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में लगातार आ रही तेजी को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने चिंता जताई है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि इन कंपनियों का तेजी से बढ़ता बाजार मूल्यांकन भविष्य में वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। यदि इस क्षेत्र में अचानक बड़ी गिरावट आती है तो उसका असर केवल वैश्विक बाजारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय वित्तीय बाजार भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।

बता दें कि रिजर्व बैंक का मानना है कि यदि एआई क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों की आय और भविष्य की वृद्धि को लेकर निवेशकों की धारणा बदलती है, तो इन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आ सकती है। ऐसी स्थिति में वैश्विक शेयर बाजारों में व्यापक बिकवाली देखने को मिल सकती है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजारों पर भी पड़ने की आशंका रहेगी।

गौरतलब है कि रिपोर्ट में केवल एआई आधारित निवेश को ही नहीं, बल्कि ऊंचे सार्वजनिक ऋण, बांड बाजार में मौजूद कमजोरियों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में बढ़ते कर्ज को भी वैश्विक वित्तीय प्रणाली के लिए संभावित जोखिम बताया गया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार यदि ये सभी कारक एक साथ सक्रिय होते हैं तो भविष्य में आर्थिक झटकों का असर और अधिक बढ़ सकता है।

हालांकि भारत को लेकर रिजर्व बैंक का रुख काफी सकारात्मक दिखाई दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की व्यापक आर्थिक स्थिति दुनिया के कई देशों की तुलना में मजबूत बनी हुई है। इसके पीछे मजबूत बैंकिंग व्यवस्था, पर्याप्त पूंजी, बेहतर नकदी उपलब्धता और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों की अच्छी वित्तीय स्थिति को प्रमुख आधार बताया गया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की परिसंपत्तियों की गुणवत्ता लगातार बेहतर हुई है। साथ ही उनकी लाभप्रदता और पूंजी की स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। रिजर्व बैंक द्वारा किए गए विभिन्न तनाव परीक्षणों में यह सामने आया कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों में भी अधिकांश बैंक नियामकीय पूंजी मानकों से ऊपर बने रहेंगे।

रिपोर्ट में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को भी अपेक्षाकृत मजबूत बताया गया है। इनके परिसंपत्ति गुणवत्ता संकेतकों, पूंजी पर्याप्तता और लाभप्रदता में सुधार दर्ज किया गया है। वहीं म्यूचुअल फंड, समाशोधन संस्थानों और बीमा क्षेत्र पर किए गए परीक्षणों में भी वित्तीय मजबूती दिखाई दी है।

इसके बावजूद रिजर्व बैंक ने एक अहम चेतावनी भी दी है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि वित्तीय संस्थानों के बीच बढ़ता आपसी जुड़ाव भविष्य में संकट के समय जोखिम को एक संस्थान से दूसरे संस्थान तक तेजी से पहुंचाने का माध्यम बन सकता है। इसलिए वित्तीय प्रणाली की लगातार निगरानी और जोखिम प्रबंधन पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व बैंक की यह रिपोर्ट निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के लिए एक संतुलित संदेश है। एक ओर भारत की बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बताया गया है, वहीं दूसरी ओर एआई आधारित निवेश में अत्यधिक उत्साह के प्रति सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।

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