By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 27, 2026
भारत के जैव ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। इंडियन बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) ने कहा है कि अगले महीने आयोजित होने वाले रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो (आरईआई) 2026 से जैव ऊर्जा क्षेत्र में ₹2,800 करोड़ से अधिक के नए निवेश का रास्ता खुल सकता है। इस बार एक्सपो में जैव ऊर्जा या बायोगैस को भारत के हरित विकास के प्रमुख माध्यम के रूप में विशेष महत्व दिया जा रहा है।
वर्ष 2035-36 तक लागू रहने वाली इस योजना का उद्देश्य देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के उत्पादन को करीब दस गुना बढ़ाना, बड़े पैमाने पर निजी निवेश जुटाना और देश में संसाधनों के महत्तम उपयोग वाली जैव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। आईबीए के अनुसार, आरईआई-2026 में निवेशकों, परियोजना डेवलपर, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाकर नीतिगत पहल को बड़े पैमाने की परियोजनाओं में बदलने में मदद मिल सकती है। एक्सपो में इस बार जैव ऊर्जा मंडप अबतक का सबसे बड़ा होगा, जिसमें 2025 की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे।