By अभिनय आकाश | Aug 11, 2026
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की लगातार जेल में रहने को लेकर लोगों का गुस्सा उस हद तक बढ़ सकता है, जहां शांति बहाल करने के लिए उनका सुलह का आह्वान भी काफी न हो। यह बात मंगलवार को उनकी पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' के एक वरिष्ठ नेता ने कही। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी, जिनकी पार्टी वहां सत्ता में है। उन्होंने कहा कि उन्हें युवाओं में बढ़ता असंतोष दिखाई दे रहा है। उन्होंने इस्लामाबाद में सुप्रीम कोर्ट की इमारत के बाहर पत्रकारों से कहा कि मैं युवाओं की आंखों में क्रांति की चिंगारी देख सकता हूं और कोई भी इसे नियंत्रित नहीं कर पाएगा। अफ़रीदी का यह बयान तब आया है, जब उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर खान को इस हफ़्ते जेल में उनसे मिलने आने वाले पार्टी सहयोगियों से नहीं मिलने दिया गया, तो पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन होंगे। उन्होंने कहा था कि खान की पार्टी के सभी सांसद गुरुवार को जेल जाएंगे और चेतावनी दी थी कि अगर मुलाक़ात की इजाज़त नहीं दी गई, तो "पूरा पाकिस्तान" बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन देखेगा।
उन्होंने कहा अगर जज न्याय नहीं करते और अपनी उस ज़िम्मेदारी को नहीं निभाते जिसके लिए उन्हें सैलरी मिलती है, तो लोग कहाँ जाएँगे? इन बयानों से खान की लगातार जेल में रहने, उनसे मिलने-जुलने और मेडिकल सुविधा मिलने से जुड़ी दिक्कतों, और उनके मामलों को संभालने के तरीके पर पार्टी की तीखी आलोचना और विरोध की चेतावनी ज़ाहिर होती है।