Reliance का मास्टरस्ट्रोक! Jio IPO की खबर से Share Market में तूफ़ान, निवेशकों के खिले चेहरे।

By Ankit Jaiswal | Jun 22, 2026

सप्ताह की शुरुआत शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए सकारात्मक रही। कंपनी की दूरसंचार और तकनीकी इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स द्वारा बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम से जुड़े दस्तावेज जमा किए जाने के बाद निवेशकों का उत्साह बढ़ गया। इसका असर कंपनी के शेयरों पर भी दिखाई दिया और कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगभग तीन प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई हैं।

बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने बाजार नियामक के पास जो दस्तावेज दाखिल किए हैं, उसके तहत कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बना रही हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए करीब 37,700 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। यदि यह योजना सफल रहती है तो यह भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक साबित हो सकती हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में इस प्रस्तावित सूचीबद्धता को वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण मूल्य सृजन कदम बताया हैं। उन्होंने कहा कि जियो की बाजार में सूचीबद्धता से यह साबित होगा कि भारत वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियां बनाने की क्षमता रखता हैं। साथ ही इससे रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए भी बड़ा मूल्य सृजन होने की उम्मीद हैं।

गौरतलब है कि मुकेश अंबानी ने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व उनके बच्चे आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी कर रहे हैं। इससे यह संकेत भी मिलता है कि समूह में नई पीढ़ी को बड़ी जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।

कंपनी के अनुसार, सार्वजनिक निर्गम से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के बकाया कर्ज को कम करने और अन्य सामान्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत हो सकती हैं।

इस बीच रिलायंस समूह ने अपने भविष्य के विकास की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की हैं। कंपनी अब उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता कारोबार के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही हैं। मुकेश अंबानी ने कहा कि समूह अब केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने की दिशा में तेजी से काम कर रहा हैं।

उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में कंपनी ने मेटा, एनवीडिया और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है। इसका उद्देश्य भारत की जरूरतों के अनुरूप बड़े स्तर पर तकनीकी सेवाएं और आधारभूत ढांचा तैयार करना हैं।

इसके अलावा कंपनी सौर ऊर्जा निर्माण, हरित हाइड्रोजन, संपीड़ित जैव गैस, बैटरी भंडारण, जैव ऊर्जा और भूमिगत कोयला गैसीकरण जैसे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ा रही हैं। बता दें कि भारत सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, ऐसे में रिलायंस की यह रणनीति भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम न केवल रिलायंस समूह के लिए बल्कि पूरे भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है। आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर इस प्रक्रिया और इसके मूल्य निर्धारण पर बनी रहने की संभावना हैं।

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