By अंकित सिंह | Jul 06, 2023
सुप्रीम कोर्ट ने विभागों में काम करने वाले अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार से नियंत्रण छीनने के लिए केंद्र द्वारा हाल ही में लाए गए अध्यादेश की वैधता को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) धनंजय वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने आप सरकार की ओर से वकील शादान फरासत के साथ पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी की याचिका का तत्काल उल्लेख करने पर यह आदेश पारित किया।
अध्यादेश जारी किये जाने से महज एक सप्ताह पहले ही उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस, कानून-व्यवस्था और भूमि को छोड़कर अन्य सभी सेवाओं का नियंत्रण दिल्ली सरकार को सौंप दिया था। यह अध्यादेश दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन एवं दीव तथा दादरा और नगर हवेली सिविल सेवा (दानिक्स) काडर के ‘ग्रुप-ए’ अधिकारियों के तबादले और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए ‘राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण’ गठित करने की बात करता है।