महामारी की वजह से ‘बड़े’ अमीरों ने परमार्थ कार्यों से दूरी बनाई, 20 करोड़ लोग हुए गरीब : रिपोर्ट

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 23, 2022

मुंबई|  देश में बड़े अमीरों की संख्या में भारी उछाल और अमीरों के और अमीर होने के बावजूद कोविड-19 महामारी के दौरान परमार्थ कार्यों में उनका योगदान कम हुआ है। वहीं महामारी के दौरान 20 करोड़ लोग गरीब हो गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जहां कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) खर्च वित्त वर्ष 2014-15 के 12 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2020-21 में 23 प्रतिशत हो गया, वही अत्यधिक अमीरों या धनाढ्यों द्वारा परोपकार कार्यों पर खर्च वित्त वर्ष 2014-15 के 18 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2020-21 में 11 प्रतिशत पर आ गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी विदेशी कंपनियों द्वारा भी किये जाने वाला परमार्थ खर्च वित्त वर्ष 2014-15 के 26 प्रतिशत से गिरकर वित्त वर्ष 2020-21 में 15 प्रतिशत पर आ गया।

वही घरेलू कंपनियों का परमार्थ खर्च इस अवधि के दौरान सालाना आधार पर आठ से दस प्रतिशत बढ़ा है। इसका मुख्य कारण सीएसआर में उनका योगदान है।

रिपोर्ट में पाया गया कि वित्त वर्ष 2014-15 और वित्त वर्ष 2020-21 के बीच सामाजिक क्षेत्र के लिए वित्तपोषण सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 8.3 प्रतिशत हो गया। रिपोर्ट में परमार्थ को तीन श्रेणियों.....सीएसआर, दान और पारिवारिक परोपकार में बांटा गया है।

प्रमुख खबरें

Katrina Kaif के Postpartum Look पर उठे सवाल, डिलीवरी के बाद शरीर को रिकवर होने में क्यों लगता है वक्त

यौन शोषण के मामले में बृजभूषण शरण सिंह की बढ़ेंगी मुश्किलें? फिर कोर्ट पहुंचीं 4 महिला रेसलर, याचिका में फैसले को पुरानी सोच वाला बताया

IIT Bombay पहुंचे Ramdas Athawale, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर कार्रवाई की उठाई मांग

Juhu में एक लड़की को देखकर क्यों बेचैन हो गई थीं Tillotama Shome? पोस्ट में बताया पूरा अनुभव