By रितिका कमठान | Sep 05, 2024
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन दिनों प्याज की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है। प्याज के बढ़ते दाम के कारण आम जनता की आंखों के आंसू नहीं रुक रहे है। केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों को कम करने के लिए नई शुरुआत की है। दिल्ली एनसीआर में मोबाइल वैन और एनसीसीएफ की खुदरा दुकानों पर अब 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज मिलेगी।
केंद्र सरकार द्वारा बाजार में किए गए इस हस्तक्षेप का लक्ष्य है कि स्थानीय आपूर्ति में सुधार की जाए। प्याज जौ आमतौर पर रसोई में उपयोग होने वाली अहम सामग्री है, जिसकी कीमत पर लगाम लगाना जरुरी है। उपभोक्ताओं को अत्यधिक कीमतों से बचाने और बिचौलियों को अप्रत्याशित मुनाफा कमाने से रोकने के लिए भी सरकार ने यह कदम उठाया है। राष्ट्रीय राजधानी में इस समय प्याज 60 रुपये प्रति किलो से अधिक की कीमत पर बिक रहा है। एनसीसीएफ ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में किसानों से सीधे खरीदे गए प्याज का बफर स्टॉक बना रखा है। एनसीसीएफ के अनुसार, किसानों से सीधे संपर्क कर और रियायती दरों पर प्याज की पेशकश कर वह उपभोक्ताओं पर कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्याज, टमाटर और आलू की बढ़ती कीमतें
प्याज की बढ़ती कीमतें पिछले काफी समय से चल रही हैं। द हिंदू के अनुसार, जून में टमाटर, प्याज और आलू जैसी महत्वपूर्ण सब्जियों की खुदरा कीमतें 15 प्रतिशत बढ़कर 58 प्रतिशत हो गई हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने दावा किया है कि यह स्थिति अस्थायी है और आलू को छोड़कर बाकी सभी की कीमतें बहुत जल्द नियंत्रण में आ जाएंगी। पिछले 30 दिनों में तीनों सब्जियों की थोक कीमतों में भी 65.70 प्रतिशत (टमाटर), 35.36 प्रतिशत (प्याज) और 17.57 प्रतिशत (आलू) की बढ़ोतरी हुई है।
जानें थोक मूल्य
किसी वस्तु का थोक मूल्य वह मूल्य होता है जो खुदरा विक्रेता किसी थोक विक्रेता से वस्तु खरीदते समय चुकाएगा। यह आमतौर पर उत्पाद की बड़ी मात्रा के लिए अपेक्षाकृत कम प्रति इकाई मूल्य होता है।