By अनन्या मिश्रा | Jul 15, 2026
शरीर को हेल्दी और फिट रखने के लिए लोग कई तरह की कोशिश करते हैं। खानपान से लेकर नियमित जिम जाने जैसे जरूरी उपाय करते हैं। लेकिन इसके साथ कुछ सावधानियां भी रखनी चाहिए। अक्सर लोग फिटनेस के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन लेने को सबसे जरूरी मानते हैं। वहीं वेट लॉस करने की कोशिश कर रहे लोग हों या फिर मसल्स बनाने की चाहत के लिए भी हाई प्रोटीन डाइट काफी चर्चा में रहती है।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक किडनी खून को फिल्टर करके और शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। लेकिन लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी को अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
इससे फिल्ट्रेशन पर एक्स्ट्रा दबाव बढ़ सकता है। कुछ मामलों में क्रिएटिनिन और यूरिया जैसे लेवल बढ़ने लगते हैं। यह किडनी की कार्यप्रणाली पर असर का संकेत हो सकता है।
एक्सपर्ट भी मानते हैं कि पशुओं से मिलने वाले ज्यादा प्रोटीन का सेवन कुछ लोगों में किडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकता है।
कई अध्ययनों में पाया गया है कि ज्यादा हाई प्रोटीन डाइट लेने से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
वहीं जिन लोगों को पहले से किडनी रोग, हाई बीपी या डायबिटीज की समस्या है। उनमें यह एक्स्ट्रा दबाव की समस्या को बढ़ा सकता है।
पर्याप्त पानी न पीने और बहुत ज्यादा पशु-आधारित प्रोटीन लेने से कुछ लोगों में यूरिक एसिड और कैल्शियम से संबंधित पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है।
एक सामान्य हेल्दी व्यक्ति के लिए रोजाना प्रति किलोग्राम शरीर के वेट पर करीब 0.8 ग्राम प्रोटीन पर्याप्त माना जाता है।
अगर किसी व्यक्ति का वेट 60 किलो है। तो उनको करीब 48 ग्राम प्रोटीन की रोजाना जरूरत हो सकती है।
हालांकि यह मात्रा फिजिकल एक्टिविटी, उम्र, बीमारी और मांसपेशियों की स्थिति के हिसाब से बदल सकती है।
जो लोग रोजाना हैवी एक्सरसाइज करते हैं या एथलीट हैं। उनको एक्सपर्ट की सलाह के मुताबिक ज्यादा प्रोटीन की जरूरत हो सकती है।
किडनी को हेल्दी रखने के लिए संतुलित लाइफस्टाइल सबसे जरूरी है।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। वहीं जरूरत के हिसाब से प्रोटीन लेना, ज्यादा नमक का सेवन और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
नियमित फिजिकल एक्टिविटी, हेल्दी वेट मेनटेन रखने, ज्यादा धूम्रपान और शराब के सेवन से बचना भी किडनी की सुरक्षा में मदद करता है।
अगर किसी को हाई बीपी या डायबिटीज है, तो इन बीमारियों को भी कंट्रोल में रखना जरूरी है।
बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं या सप्लीमेंट का सेवन नहीं करना चाहिए।