By अभिनय आकाश | Aug 06, 2026
लंदन के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों 'द गार्डियन' और 'द टाइम्स' की रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हुए विधानसभा चुनावों में एक बेहद विवादित चेहरे की जीत दर्ज की गई है। 1990 के दशक में ब्रिटेन के मैनचेस्टर में सक्रिय रहे एक चर्चित 'ग्रूमिंग गैंग' के आरोपी और पूर्व मंत्री रुश्कर अहमद को पीओके असेंबली के लिए चुन लिया गया है। 62 वर्षीय रुश्कर अहमद पर यूके में बच्चों के यौन शोषण, बलात्कार और मानव तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप हैं, और वह वर्तमान में इस मामले में यूके पुलिस की जमानत पर बाहर है।
अहमद इससे पहले 2006 और 2021 के बीच POK की कई सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने राजस्व, व्यापार, उद्योग, पशुपालन और बिजली विकास संगठन जैसे कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली। पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (POK) में तथाकथित विधानसभा के चुनाव 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच तीन चरणों में हो रहे हैं। PML-N अभी आगे चल रही है और उसने 53 सदस्यों वाली विधानसभा में 24 सीटें हासिल की हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने तथाकथित स्थानीय चुनावों को पूरी तरह से दिखावा बताया है। मंत्रालय ने PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ इस्लामाबाद की कार्रवाई का हवाला दिया है, जिसमें खबरों के मुताबिक कम से कम 90 लोगों की जान गई है।
द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस (GMP) ने 18 जुलाई, 2024 को मैनचेस्टर एयरपोर्ट पर अहमद को रेप और बच्चों की तस्करी के शक में गिरफ़्तार किया। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस (GMP) के डिटेक्टिव्स ने अहमद से कम से कम दो महिलाओं के आरोपों के बारे में पूछताछ की। इन महिलाओं का दावा है कि 1990 के दशक में जब वे मैनचेस्टर के रुशोलम इलाके में केयर होम्स में रह रही थीं और कमज़ोर स्थिति में थीं, तब अहमद ने उनका रेप किया और उनकी तस्करी की। अहमद की गिरफ़्तारी और पूछताछ, बच्चों के साथ पुराने समय में हुए यौन शोषण के कई आरोपों की GMP की बड़ी जांच का हिस्सा थी। इन आरोपों का संबंध कथित 'ग्रूमिंग गैंग' से है, जिससे अहमद भी जुड़ा हुआ है। हालांकि, GMP पुलिस अहमद पर आरोप तय नहीं कर पाई और उसके ख़िलाफ़ आरोपों की जांच अभी भी चल रही है। पूछताछ के बाद उसे ज़मानत पर रिहा कर दिया गया। 'द टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, GMP की इस बड़ी जांच में अब तक 22 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।
अहमद ज़मानत की शर्तों के तहत पेश नहीं हुआ, PoK में प्रचार करते देखा गया
रुश्कर अहमद को पिछले महीने जुलाई में मैनचेस्टर के एक पुलिस स्टेशन में ज़मानत के सिलसिले में पेश होना था, लेकिन वह नहीं पहुँचा। उसने अधिकारियों को बताया कि वह "इतना बीमार था कि UK के लिए उड़ान नहीं भर सकता था। इसी दौरान, सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आए जिनमें अहमद को PoK के मीरपुर में तथाकथित चुनावों से पहले चुनावी रैलियों में सक्रिय रूप से प्रचार करते हुए देखा गया।