कोरोना से बेहाल रूस और पाकिस्तान, जानें इन देशों का हाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 02, 2020

बीजिंग। रूस और पाकिस्तान में एक ही दिन में सबसे अधिक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आए हैं जबकि दूसरी तरफ अमेरिका के कुछ राज्यों और अन्य देशों में मामलों में स्थिरता आने पर उद्योगों और सार्वजनिक गतिविधियों को दोबारा शुरू किया गया है। चीन में शनिवार को कोरोना वायरस का केवल एक ही मामला सामने आया जहां से दिसंबर में फैले विषाणु ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। दक्षिण कोरिया में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के छह नए पुष्ट मामले सामने आए। चीन और दक्षिण कोरिया दोनों ही देश वायरस नियंत्रण के तहत लागू प्रतिंबधों में नरमी बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को दोबारा प्रोत्साहित करने में लग गए हैं। वहीं, रूस में शुक्रवार को संक्रमण के 7,933 मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 114,431 तक जा पहुंची। माना जाता है कि असल में यह संख्या और अधिक हो सकती है क्योंकि सभी लोगों की जांच नहीं हो पा रही है। जन स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, रूस के कम से कम पांच प्रांतों में निमोनिया के मामलों में वृद्धि देखी गई है। वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित मास्को में सांस संबंधी मामलों की वजह कोरोना वायरस ही माना जा रहा है।

इस बीच, पाकिस्तान ने संक्रमण के 1,297 नए मामले सामने आने की घोषणा की। अब तक पाकिस्तान में 18,114 लोग संक्रमित पाए गए हैं। सरकार ने कहा कि पिछले 24 घंटे में 9,000 नमूनों की जांच की गई। प्रधानमंत्री इमरान खान का लक्ष्य इसे प्रतिदिन 20,000 तक पहुंचाने का है। कोरोना वायरस के चलते दुनियाभर में अब तक 2,30,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 64,000 मौत अकेले अमेरिका में हुई हैं जबकि इटली, ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन सभी में 20,000 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिकामें मृतकों की कुल संख्या 100,000 से कम रहेगी। मार्च में व्हाइट हाउस के कोरोना वायरस कार्यबल ने आशंका जताई थी कि वायरस की चपेट में आकर 100,000 से 2,40,000 अमेरिकी नागरिकों की मौत हो सकती है। संकट में स्थिरता आने के बीच कुछ यूरोपीय देशों और अमेरिका के राज्यों ने लॉकडाउन के प्रतिबंधों में कुछ ढील देनी शुरू कर दी है, ताकि 1930 जैसी महामंदी की चपेट में आने से अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके। ऐसे में फ्रांस, स्पेन, जर्मनी और अन्य सरकारों की योजना कंपनियों, उद्योगों, कार्यालयों और गिरजाघरों को धीरे-धीरे दोबारा खोलने की है। हालांकि, इनके दोबारा खोले जाने के बीच सख्त नियंत्रण की बात भी कही जा रही है।

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