By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 28, 2021
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘‘ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच मजबूत साझेदारी की समीक्षा करने के लिए’’ बृहस्पतिवार को मुलाकात की। जो बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद किसी भारतीय कैबिनेट मंत्री की अमेरिका की यह पहली यात्रा है। वहीं, जयशंकर ने बैठक के बाद ट्वीट किया, ‘‘ एनएसए जेक सुलीवन से मिलकर प्रसन्नता हुई। हिंद-प्रशांत और अफगानिस्तान सहित कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। कोविड से निपटने के लिए अमेरिका द्वारा दिखाई गई एकजुटता की सराहना की। टीके को लेकर भारत-अमेरिका की साझेदारी बड़ा बदलाव ला सकती है।’’ बैठक के बाद सुलीवन ने ट्वीट किया, ‘‘दोनों देशों के लोगों का एकदूसरे से सम्पर्क और हमारे मूल्य अमेरिका-भारत साझेदारी की नींव हैं और यह साझेदारी वैश्विक महामारी का खात्मा करने, जलवायु संबंधी मामले का नेतृत्व करने और स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत का समर्थन करने के लिए हमारी मदद करेगी।’’
भारत, अमेरिका और कई अन्य विश्व शक्तियां इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य युद्धाभ्यास और आक्रामकता की पृष्ठभूमि में एक स्वतंत्र, मुक्त और सम्पन्न हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने की आवश्यकता के बारे में बात कर रही हैं। चीनी सेना बीजिंग के प्रभाव को बढ़ाने के लिए रणनीतिक महत्व के हिंद महासागर क्षेत्र पर भी सक्रिय रूप से नजर गड़ाए हुए है। जयशंकर शुक्रवार को अमेरिकी समकक्ष टोनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से भी मुलाकात करेंगे। यशंकर ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 टीकों के बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित मसलों पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कैथरीन ताई के सकारात्मक रुख और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के लिए उनके समर्थन का स्वागत किया। बैठक के बाद एक ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘आईपीआर मसलों पर सकारात्मक रुख और कुशल तथा मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए उनके समर्थन का स्वागत किया।’’ ताई ने इस महीने की शुरुआत में विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श के बाद विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में कोविड-19 टीकों के कुछ आईपी पहलुओं को खत्म करने के भारत और दक्षिण अफ्रीका के कदम को समर्थन देने की घोषणा की थी। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘हमारी रणनीतिक साझेदारी के मूल में व्यापार, प्रौद्योगिकी और कारोबारी सहयोग है। कोविड महामारी के बाद आर्थिक सुधार के लिए इन्हें बढ़ाना महत्वपूर्ण है।