By Ankit Jaiswal | Jan 25, 2026
मेलबर्न में जारी ऑस्ट्रेलियन ओपन में रविवार को एक खास पल देखने को मिला, जब आर्यना सबालेंका ने न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि टेनिस इतिहास में अपना नाम भी दर्ज करा लिया। बता दें कि इस मुकाबले के साथ ही सबालेंका ने ग्रैंड स्लैम स्तर पर लगातार सबसे ज्यादा टाईब्रेक जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया हैं।
गौरतलब है कि बेलारूस की इस स्टार खिलाड़ी ने ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में लगातार 20वां टाईब्रेक जीतकर नोवाक जोकोविच का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड जोकोविच के नाम था, जिन्होंने ओपन एरा में 19 लगातार टाईब्रेक जीते थे। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस उपलब्धि के बाद खुद जोकोविच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी और लिखा कि वह इस वक्त थोड़ा परेशान हैं, जो सबालेंका के दबाव में शानदार खेल की सराहना भी करता है।
मैच की बात करें तो सबालेंका ने कनाडा की 19 वर्षीय खिलाड़ी विक्टोरिया म्बोको को सीधे सेटों में 6-1, 7-6 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। हालांकि म्बोको को 17वीं वरीयता मिली थी, लेकिन सबालेंका ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। पहले सेट में उन्होंने दमदार सर्विस और सटीक ग्राउंडस्ट्रोक्स के दम पर नियंत्रण बनाए रखा और महज 31 मिनट में सेट अपने नाम कर लिया। इस दौरान उन्होंने तीन ऐस लगाए और रैलियों पर पूरी पकड़ बनाए रखी।
दूसरे सेट में मुकाबला थोड़ा रोमांचक हो गया। सबालेंका से कुछ अनफोर्स्ड गलतियां हुईं और म्बोको ने अपने खेल का स्तर ऊंचा किया। युवा खिलाड़ी ने हर गेंद के लिए संघर्ष किया और लंबे रैलियों में सबालेंका को चुनौती दी। सबालेंका ने 4-1 की बढ़त बनाई और 5-4 पर मैच के लिए सर्व भी किया, लेकिन तीन मैच प्वाइंट चूकने के बाद म्बोको ने वापसी करते हुए मुकाबले को टाईब्रेक तक खींच लिया।
हालांकि जैसे ही मैच टाईब्रेक में पहुंचा, सबालेंका का अनुभव और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने शुरुआत से ही बढ़त बना ली और आसानी से टाईब्रेक जीतकर मुकाबला समाप्त किया। इसी के साथ उन्होंने ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
गौरतलब है कि मेलबर्न में सबालेंका का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2023 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था और 2024 में अपने खिताब का सफल बचाव किया था। इससे पहले वह एक बार उपविजेता भी रह चुकी हैं, जबकि यूएस ओपन में भी दो बार खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए सबालेंका इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं और उनका यह रिकॉर्ड उनके मानसिक मजबूती और बड़े मौकों पर संयम का प्रमाण हैं।