मालेगांव मामले में बरी होने के बाद भोपाल पहुंची Sadhvi Pragya के हुआ भव्य स्वागत

By एकता | Aug 03, 2025

2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में बरी होने के बाद, पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर रविवार को भोपाल पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां उन्होंने पत्रकारों से बात की और अपने बयानों को दोहराया।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने अपनी जीत को सत्य और धर्म की जीत बताया। उन्होंने कहा, 'सत्य की जीत हुई है, जो सुनिश्चित थी क्योंकि धर्म और सत्य हमारे पक्ष में था। सत्यमेव जयते! मैंने यह पहले भी कहा था और अब यह सिद्ध हो गया है। विधर्मियों और देशद्रोहियों के मुंह काले हुए हैं, उन्हें जवाब मिला है। देश हमेशा धर्म और सत्य के साथ है और हमेशा रहेगा।'

उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने 'भगवा आतंकवाद' जैसे शब्द गढे थे। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला उन लोगों के मुंह पर एक तमाचा है, जिन्होंने इसे 'भगवा आतंकवाद' और 'हिंदू आतंकवाद' कहा। साध्वी प्रज्ञा ने कांग्रेस नेताओं, जैसे कि पृथ्वीराज चव्हाण, पर भी हमला बोला, जिन्होंने कथित तौर पर 'सनातन आतंकवाद' की बात की थी।

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'पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ का नाम लेने के लिए मजबूर किया गया'

साध्वी प्रज्ञा ने फिर से आरोप लगाया कि उन्हें उस समय के बडे नेताओं के नाम लेने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने कहा, 'हां, मुझे मजबूर किया गया था। मैं दबाव में नहीं आई और मैंने किसी का भी नाम नहीं लिया, किसी को झूठा नहीं फंसाया, इसलिए मुझे इतना प्रताडित किया गया।' उन्होंने बताया कि उनसे विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसे बडे नेताओं का नाम लेने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि उनकी बात न मानने पर उन्हें बहुत प्रताडित किया गया।

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परमबीर सिंह और एटीएस अधिकारियों ने प्रताडित किया

साध्वी प्रज्ञा ने पूर्व पुलिस अधिकारी परमबीर सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'मैंने बार-बार यह कहा है कि परमबीर सिंह बहुत निकृष्ट और अदम व्यक्ति है क्योंकि उसने हर सीमा पार की है, हर कानून को तोडा है।' उन्होंने बताया कि सिर्फ परमबीर सिंह ही नहीं, बल्कि सभी एटीएस अधिकारियों ने उन्हें प्रताडित किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गैरकानूनी तरीके से 13 दिन और पुलिस हिरासत में 11 दिन रखा गया था, इस तरह वह कुल 24 दिनों तक हिरासत में रहीं और एटीएस की प्रताडनाएं झेलती रहीं।

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