By नीरज कुमार दुबे | Jan 01, 2024
योगी सरकार की पहल पर रामनगरी की भव्यता लौट रही है। मठ मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। रामायण कालीन कुंडों को भी सजाया जा रहा है। एक तरफ भगवान राम का भव्य मंदिर आकार ले रहा है तो दूसरी तरफ अयोध्या की संस्कृति और सभ्यता को संजोया जा रहा है। धार्मिकता के साथ-साथ भगवान राम की नगरी अयोध्या पर्यटन की दृष्टि से भी विश्व के मानचित्र पर स्थापित हो रही है। शायद यही वजह है कि भूतकाल में अफीम कोठी कहे जाने वाले भवन को योगी सरकार साकेत सदन के रूप में विकसित करके पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रही है।
चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग पर धारा रोड मुहल्ले में साकेत सदन स्थित है। इस स्थान को हेरिटेज लुक प्रदान करते हुए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके पुनर्विकास की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है। साकेत सदन का पुनरुद्धार प्राचीनता को सहेजते हुए किया जा रहा है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने बताया कि साकेत सदन बिल्डिंग की मरम्मत की जा रही है, जिसमें सिर्फ चूने और सुर्खी का प्रयोग किया जा रहा है। जिस रूप में पहले बिल्डिंग थी, पुनः उसी रूप में लाने का प्रयास किया जा रहा। लाइट की व्यवस्था व पार्क का भी कायाकल्प किया जा रहा है। हम आपको बता दें कि 6 जून 2023 से शुरू हुए इस कार्य को पूर्ण करने की अवधि मार्च 2024 है। इस परियोजना की लागत 1682.87 लाख है। निर्माण स्थल पर एक अधिकारी ने बताया कि लगभग 60 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
इस बीच, अयोध्या में ‘जय श्री राम’ के नारों के बीच नए साल का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग रामलला और हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन करने पहुँचे। इसके अलावा सरयू नदी में स्नान करने की भी होड़ लग रही। साथ ही श्रद्धालु और पर्यटक प्रसिद्ध लता मंगेशकर चौक पर एकत्रित होकर सेल्फी और तस्वीरें लेते भी नजर आये।