By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एक अंतरिम राहत देते हुए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व संभागीय निदेशक समीर वानखेड़े को दो मामलों में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू की गई जांच में पूछताछ से संरक्षण प्रदान किया है। यह राहत उनकी याचिका पर अंतिम सुनवाई होने तक के लिए है। वर्ष 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी वानखेड़े ने 2024 में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी।
वानखेड़े का कहना था कि मलिक उनसे रंजिश रखते थे क्योंकि उन्होंने मलिक के दामाद समीर खान को मादक पदार्थ के एक मामले में गिरफ्तार किया था। न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाता की खंड पीठ ने बृहस्पतिवार को वानखेड़े की याचिका स्वीकार कर ली और कहा कि जब तक याचिका पर अंतिम सुनवाई और फैसला नहीं हो जाता, तब तक याचिकाकर्ता को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जाएगा। इससे पहले एनसीबी ने उच्च न्यायालय में कहा था कि वानखेड़े के खिलाफ अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं और इसीलिए उनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी।
जून 2020 में मुंबई में अपने घर पर राजपूत के कथित तौर पर आत्महत्या करने के बाद, एनसीबी ने फिल्म इंडस्ट्री में मादक पदार्थ के कथित इस्तेमाल की जांच शुरू की। बाद में एजेंसी ने राजपूत की महिला मित्र रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक और 33 अन्य लोगों के खिलाफ मादक पदार्थ रखने, इस्तेमाल करने और इसके लिए धन उपलब्ध करने का मामला दर्ज किया। बाद में, एनसीबी को वानखेड़े के खिलाफ जांच में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं।
नवंबर 2023 से मार्च, 2024 के बीच एनसीबी ने आईआरएस अधिकारी को आठ नोटिस जारी किए और उन्हें एजेंसी के उपमहानिदेशक संजय सिंह के सामने पेश होने का निर्देश दिया, जो शुरुआती जांच की अगुवाई कर रहे हैं। अपनी याचिका में वानखेड़े ने इस जांच को ‘बदले की कार्रवाई’ बताया। मई 2023 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी वानखेड़े पर जबरन वसूली और रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया था।
उन पर आरोप था कि उन्होंने क्रूज जहाज पर मादक पदार्थ पकड़े जाने के मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को नहीं फंसाने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। दो अक्टूबर, 2021 को कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर कथित तौर पर मादक पदार्थ मिलने के मामले में आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था। बाद में, एनसीबी ने इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया, लेकिन आर्यन खान को क्लीन चिट दे दी।
बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने भी उनके खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया। वानखेड़े ने इन दोनों मामलों के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया और उन्हें किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई।