पंजाब में बड़े दलों का खेल बिगाड़ सकता है संयुक्त समाज मोर्चा, समझिए किसानों से किसको होगा फायदा-नुकसान

By अनुराग गुप्ता | Jan 03, 2022

चंडीगढ़। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इससे पहले राजनीतिक दलों के समीकरण तेजी से गड़बड़ा गए हैं। आपको बता दें कि किसान आंदोलन के हिस्सा रहे 32 में से 22 संगठनों ने एक साथ मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इतना ही नहीं उन्होंने तो एक राजनीतिक दल संयुक्त समाज मोर्चा (SSM) भी बना लिया है और इसी के माध्यम से 22 संगठनों के किसान एकजुट होकर 117 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले हैं। 

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इतिहास के पन्नों को पलटे तो पंजाब में कांग्रेस और अकालियों के पास ही सत्ता रही है। भाजपा भी अकाली दल के साथ ही छोटे भाई के तौर पर चुनाव लड़ती थी लेकिन कृषि कानूनों की वजह से अकाली अलग हो गए और फिर भाजपा उन्हें मानने में जुट गई लेकिन बात नहीं बनी। तब भाजपा ने अमरिंदर सिंह और सुखदेव सिंह ढींडसा के शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ अपना अलग चुनावी गठबंधन कर लिया।आपको बता दें कि संयुक्त समाज मोर्चा भाजपा के समीकरण को शायद ही बिगाड़ पाए क्योंकि भाजपा का ग्रामीण क्षेत्रों में आधार बहुत कम है। इसीलिए पंजाब में भाजपा को शहरी पार्टी कहा जाता है। इतना ही नहीं ग्रामीण इलाकों में जहां किसानों की तादाद ज्यादा है वहां पर भाजपा का विरोध हो सकता है लेकिन भाजपा तो गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने वाली है।विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त समाज मोर्चा किसी भी दल का गेम बिगाड़ सकती है। हालांकि यह भी स्पष्ट है कि संयुक्त समाज मोर्चा अकेले बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं जुटा पाएगी। ऐसे में शायक त्रिशंकु विधानसभा देखने को मिल सकती है। 

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वहीं, आम आदमी पार्टी प्रदेश की स्थिति को समझने में जुटी हुई है और किसानों का लगातार समर्थन करने की भी बात कहती रही है। इसी बीच खबरें हैं कि आम आदमी पार्टी पर्दे के पीछे संयुक्त समाज मोर्चा के साथ गठबंधन की बातचीत कर रही है। हालांकि संयुक्त समाज मोर्चा में इसकी वजह से फूट पड़ने की स्थिति भी पैदा हो गई है। क्योंकि एक धड़ा अकेले चुनाव लड़ने की बात कह रहा है, जबकि दूसरा धड़ा आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को तरजीह देना चाहता है।क्या 21 सीटों पर ही चुनाव लड़ेगा SSMसंयुक्त समाज मोर्चा के मुखिया बलवीर राजेवाल की दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ बातचीत हुई। आपको बता दें कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने 96 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। ऐसे में अगर गठबंधन होता है तो महज 21 सीटें ही संयुक्त समाज मोर्चा के लिए बचेगी।

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