सख्त कार्रवाई ऐसे होती है (व्यंग्य)

By संतोष उत्सुक | Jul 27, 2022

अनेक मामलों में जब कोई ज़िम्मेदार आदमी स्पष्ट कह देते हैं कि सख्त कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं तो सचमुच बहुत संतुष्टि हो जाती है। जिस जीवन मंच पर संतुष्टि का नृत्य होने लगे वह जीवन सफल होता लगता है। आज सुबह घूमते हुए नया ब्रांडेड ट्रैक सूट देख, मुझे प्रभावशाली आदमी मानकर पार्क के चौकीदार ने रोक लिया बोला, देखो सर यहां बोर्ड लगा है कि यहां कुत्तों को साथ लाना और घुमाना मना है फिर भी एक अफसर और उनकी पत्नी कुत्ते को लाते और घुमाते हैं। मना करने भी नहीं मानते। मैंने कहा आपकी बात ठीक है यहां ऐसा बोर्ड नहीं होना चाहिए ताकि उन्हें परेशानी न हो या फिर ऐसा बोर्ड होना चाहिए, ‘समझदार कुत्तों से अनुरोध है कि मूर्ख मालिक के साथ पार्क में न आएं’। 

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मैंने उनसे कहा कि बात समझदार पालतू पशु और मूर्ख मालिक बारे है तो वह बोले, सुनिए, कोई पालतू पशु सड़क पर घूमते पाया गया तो उसके पालकों को जुर्माना देकर छुड़वाना होगा। हमने उनसे कहा बात सड़क की नहीं, पार्क की हो रही है तो वे सूचित करने लगे कि उस बैठक में आवारा कुत्तों व पशुओं की बढ़ती संख्या पर खूब गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ऊंचे स्तर का चिंतन किया गया। इससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं का अंदेशा भी कम होगा । मैंने कहा मेरी शिकायत पार्क बारे है तो वे सख्ती से बोले, जो मीट विक्रेता मुर्गों और मुर्गियों को क्रूरतापूर्वक उलटा लटकाकर कर लाते हैं उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनकी बात न्यायोचित लगी मुझे, मुर्गों को सीधा, खड़ाकर या आराम से बिठाकर लाना ज़्यादा प्रशंसनीय रहेगा। 

पालतू कुत्तों से खुले में शौच करवाने वाले मालिकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी, यह फैसला भी लिया गया। मैंने कहा वो सब तो ठीक है लेकिन मैं ऐतिहासिक, सार्वजनिक पार्क में लाए और घुमाए जा रहे कुत्तों की बात कर रहा हूं। उन्होंने कहा, आप पहले सरकार की बात सुनिए। बड़ी कुर्सी वाले अधिकारी ने नगर परिषद से कहा है कि पालतू कुत्तों को घुमाने के लिए एक स्थान की पहचान कर ली जाए। उम्मीद है आपको अपनी बात का जवाब मिल गया होगा। हमने कहा आप किसी मातहत कर्मचारी को यहां पार्क में भेजकर अविलम्ब कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने हुक्म जारी किया, कार्रवाई की जाएगी और ज़रूर की जाएगी लेकिन क़ानून के दायरे में ही की जा सकती है। आप चिंता न करें।

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कई सप्ताह बीत चुके हैं, अभी तक यही पता नहीं चला कि किस दिन, किस प्रकार, किस से रंग से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जानवरों के खिलाफ कार्रवाई हो नहीं सकती, इंसान अपने खिलाफ होने नहीं देते।  बेचारी कार्रवाई बिन मिठास की जलेबी हो जाती है। जब भी बात करता हूं, कहते हैं, आप बहुत ज़्यादा चिंता क्यूं करते हो। हम बैठे हैं न, बहुत सख्त कार्रवाई की जाएगी। महान व्यक्ति कहकर गए हैं, जीवन में संतुष्ट होना बहुत ज़रूरी है।

- संतोष उत्सुक

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