By अभिनय आकाश | Oct 01, 2026
चौतरफा हमलों से सऊदी बुरी तरीके से फंस चुका है और लगातार यमन पर हमले कर रहा है। यमन के युद्ध क्षेत्र से एक बार फिर बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने एक बयान जारी करते हुए सऊदी अरब के भारी-भरकम हमलों का बड़ा खुलासा किया। याह्या सरी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के भीतर सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों और मिसाइल यमन पर ताबड़तोड़ 51 हवाई हमले और मिसाइल दागे। रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब की खामिस मुशायद एयरबेस से उड़ान भरने वाले एफ-15 स्टेल्थ जर्स ने आसमान से तबाही मचाई। जबकि नसान और जिजान के सैन्य ठिकानों से जमीन से जमीन पर मार करने वाले मिसाइलों से भीषण बमबारी की गई। सऊदी सेना के इस नए और आक्रामक हमलों का सीधा निशाना यमन के पांच बड़े प्रांतों मारी, सादा, अलदैदा, ताईस और अमरान रहे। ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने दावा किया है कि इस भारी बमबारी में आम नागरिकों के कम्युनिकेशन नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को गंभीर तौर पर नुकसान पहुंचाया गया। इसी के साथ यमन पर जारी हालिया सैन्य तनाव और सऊदी अग्रेशन की शुरुआत से लेकर अब तक दागी गई मिसाइलों और हवाई हमलों की कुल संख्या बढ़कर 1209 तक पहुंच चुकी है।
ईरान की रिवर्स इंजीनियरिंग से तैयार देहलविया और रूसी कॉर्नेट का कॉम्बिनेशन यमन के रेगिस्तान में मौत का दूसरा सबसे बड़ा नाम इस वक्त बन चुका है जो सोशल मीडिया पर वायरल है। सऊदी अरब के अरबों डॉलर के आधुनिक फाइटर जेट्स और टैंकों के सामने भूतियों के यह पोर्टेबल मिसाइल स्क्वाड यह साबित करते हैं कि जंग सिर्फ महंगे हथियारों के अंबार से नहीं बल्कि सही जगह पर सही मिसाइल के सटीक निशाने से जीती जाती है। फिलहाल दिलचस्प हो चुका है यमन का यह रणक क्षेत्र जहां पर सऊदी सरकार पूरी तरीके से घिरती हुई नजर आ रही है। गौरतलब है कि सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत कर मदद जरूर मांगी थी। लेकिन हालिया रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप ने सीधे तौर पर सैन्य मदद से इंकार कर दिया था। यमन के तपते मैदानों में एक ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे खाड़ी के युद्ध एक्सपर्टों को भी हैरान करके रख दिया। जहां एक ओर दुनिया भर की निगाहें ड्रोन वारफेयर पर टिकी हैं।