By अंकित सिंह | Aug 18, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार को दिल्ली सरकार से सवाल किया कि वह उन FIRs की लिस्ट कोर्ट में क्यों नहीं सौंप रही है जिन्हें रद्द किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए सबसे बड़ी चिंता विरोध-प्रदर्शनों के दौरान उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना है। दास ने कहा कि सरकार को मामले में देरी करने के बजाय कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए और जरूरी जानकारी सौंपनी चाहिए।
ये टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब CJP लगातार यह मांग कर रही है कि आंदोलन के दौरान छात्रों और दूसरे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को सिर्फ़ 'बंद मामले' मानने के बजाय औपचारिक रूप से वापस लिया जाए। पार्टी का कहना है कि जिन छात्रों ने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया, उन पर सिर्फ़ आंदोलन में शामिल होने की वजह से आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। यह मामला 20 जुलाई को संसद तक निकाले गए उस मार्च से जुड़ा है, जिसे CJP ने जंतर-मंतर पर हफ़्तों तक चले विरोध प्रदर्शनों और भूख हड़ताल के बाद आयोजित किया था। इस मार्च में हज़ारों छात्रों ने हिस्सा लिया था। वे परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की मांग कर रहे थे।
जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करते हुए मध्य दिल्ली में पुलिस बैरिकेड्स पार करने की कोशिश कर रहे थे, तो सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए जिनमें कथित तौर पर पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की करती दिखी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि बल का इस्तेमाल तभी किया गया जब कुछ प्रदर्शनकारी कथित तौर पर हिंसक हो गए और उन्होंने पत्थरबाजी की।
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