By अभिनय आकाश | Oct 03, 2026
कट्टरता चाहे किसी भी विचारधारा संगठन या मजहब के नाम पर हो वो एक दिन अपना रंग दिखाई देती है। वैसे ही कुछ इन दिनों मिडिल ईस्ट में देखने को मिल रहा है। यमन के हूति विद्रोहियों ने जो किया है वो यह जाहिर करता है कि लोग अल्लाह के भी सगे नहीं यानी कि हूतियों ने अल्लाह को भी नहीं बख्शा है। दरअसल मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थलों में माने जाने वाले मक्का पर हमला करने के बाद अब हूतियों ने अल्लाह के घर को निशाना बना डाला है। हूति विद्रोहियों ने सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना में ड्रोन हमला किया है। इस हमले में पैगंबर की मस्जिद को बिजली देने वाले तैबा पावर स्टेशन पर निशाना बनाया गया है। जिसमें काफी नुकसान पहुंचा है। हूतियों के इस हमले को लेकर कई मुस्लिम देश भयंकर भड़क गए हैं।
अब यही कट्टरबंदी कैसे अल्लाह के घर को ही निशाना बनाकर जलजला लाने की कोशिश कर रहे हैं। वह धमकी देने वाले लोगों के लिए क्या ही कर सकते हैं। दरअसल यमन के हूती विद्रोहियों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। खासकर सऊदी के अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाते हुए हूं ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इसी बीच सऊदी के तेल टर्मिनल पर भीषण अटैक हुआ है। जहां यह हमला हुआ है, वह सऊदी अरब के पश्चिमी तट पर लाल सागर के किनारे बसा एक बड़ा औद्योगिक और तेल निर्यात केंद्र है। यहां से सऊदी अरब दुनिया के दूसरे हिस्सों में कच्चा तेल भेजता है। इस टर्मिनल में रोजाना करीब 15 लाख बैरल कच्चा तेल लोड करने की क्षमता है। इसकी एक और रणनीतिक अहमियत है।