शाहीन बाग पर SC ने बातचीत के लिए बनाई टीम, कहा- लोग सड़कों पर प्रदर्शन करने लगेंगे तो क्या होगा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 17, 2020

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि लोगों को एक कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार है लेकिन सड़कों को अवरूद्ध किया जाना चिंता की बात है और संतुलन का एक कारक होना जरूरी है। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शनों के कारण सड़कें अवरूद्ध होने को लेकर दायर की गई याचिकाओं की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की एक पीठ ने कहा कि उसे चिंता इस बात की है कि यदि लोग सड़कों पर प्रदर्शन करने लगेंगे तो क्या होगा।

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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि हर संस्था इस मुद्दे पर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को मनाने की कोशिश कर रही है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि कोई उपाय न निकला तो हम स्थिति से निपटने का जिम्मा अधिकारियों पर छोड़ देंगे। सीएए और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ प्रदर्शन के कारण पिछले वर्ष 15 दिसम्बर से कालिंदी कुंज-शाहीन बाग और ओखला अंडरपास बंद है।

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