By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 02, 2023
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने नोटबंदी पर आए उच्चतम न्यायालय के बहुमत के एक फैसले को लेकर सोमवार को कहा कि यह निर्णय सिर्फ नोटबंदी की प्रक्रिया पर है, इसके परिणाम एवं प्रभाव पर नहीं है तथा ऐसे में यह कहना गलत है कि सर्वोच्च अदालत ने मोदी सरकार के कदम को जायज ठहराया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि नोटबंदी जैसे ‘विनाशकारी’ कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए।
एक माननीय न्यायाधीश ने अपनी असहमति दर्ज करते हुए कहा है कि संसद को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए था।’’ उनका यह भी कहना है, ‘‘इस निर्णय में नोटबंदी के असर पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है, जो कि एक नितांत विनाशकारी निर्णय था। इस निर्णय ने विकास की गति को क्षति पहुंचाई, सूक्ष्म, लघु और मझौले स्तर की इकाईयों को पंगु बनाया, अनौपचारिक क्षेत्र को समाप्त कर दिया और लाखों लोगों की अजीविका को नष्ट कर दिया।’’
रमेश ने दावा किया, ‘‘निर्णय में इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया है कि क्या नोटबंदी अपने घोषित उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल रही या नहीं। चलन में मुद्रा को कम करना, कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ना, नकली मुद्रा पर अंकुश लगाना, आतंकवाद को समाप्त करना और काले धन का पर्दाफाश करना जैसे घोषित उद्देश्यों में से किसी उद्देश्य को प्राप्त करने में कोई भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल नहीं की जा सकी।’’ उनके मुताबिक, उच्चतम न्यायालय द्वारा बहुमत से लिया गया ‘‘यह फैसला केवल निर्णय लेने की प्रक्रिया के मुद्दे तक सीमित है और नोटबंदी के परिणामों से इसका कोई संबंध नहीं है। यह कहना कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने नोटबंदी के निर्णय को सही ठहराया है, पूरी तरह से भ्रामक और गलत है।’’ पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा कि उच्चतम न्यालय के बहुमत के फैसले में इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं मिला कि क्या नोटबंदी का उद्देश्य पूरा हुआ। उन्होंने यह दावा भी किया कि ‘अल्पमत‘ के फैसले ने नोटबंदी में ‘अवैधता’ और ‘अनियमितताओं’ की ओर इशारा किया है। चिदंबरम ने कहा कि अपने फैसले में न्यायालय ने सरकार को हल्की फटकार लगाई है।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने नोटबंदी पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को निराशजनक करार दिया और दावा किया कि इस भयावह विफलता के लिए सरकार को जवादेह ठहराने में शीर्ष अदालत विफल रही। कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘नोटबंदी को लेकर उच्चतम न्यालय का फैसला आया है। यह नोटबंदी की प्रक्रिया पर फैसला है, इसके परिणाम और प्रभाव पर नहीं है। भाजपा झूठ फैला रही है कि नोटबंदी के फैसले पर उच्चतम न्यायालय ने मुहर लगाई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नोटबंदी के कारण लाखों नौकरियां खत्म हो गईं, एमएसएमई बर्बाद हो गईं, आतंकवाद जस का तस बना हुआ है, काला धन बरकरार है।’’ खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री को नोटबंदी पर एक संवाददाता सम्मेलन करना चाहिए।