SEBI ने Rajesh Exports और चेयरमैन पर लगाया प्रतिबंध रखा बरकरार, वित्तीय गड़बड़ी का मामला

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 14, 2026

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके चेयरमैन राजेश मेहता के खिलाफ पहले जारी अंतरिम निर्देशों की पुष्टि कर दी। ये निर्देश वित्तीय जानकारी में कथित गलतबयानी और धन के संदिग्ध दुरुपयोग से जुड़े हैं। नियामक ने कंपनी को सही वित्तीय जानकारी देने का निर्देश दिया है और मेहता के कंपनी की प्रतिभूतियों में लेनदेन करने पर लगी रोक बरकरार रखी है।

यह आदेश सेबी की ओर से तीन जून, 2026 को जारी एकपक्षीय अंतरिम आदेश के बाद आया है। नियामक की जांच में कंपनी के वित्तीय खुलासों, खातों के एकीकरण और सेबी तथा फॉरेंसिक ऑडिटर की ओर से मांगी गई पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने को लेकर चिंताएं सामने आई थीं। सेबी ने अप्रैल, 2020 से मार्च, 2024 तक की अवधि की जांच की थी।

यह जांच एक शिकायत के बाद की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि व्यापार से मिलने वाली बड़ी राशि दो साल से अधिक समय से बकाया थी। नियामक ने कहा कि कंपनी ने वैधानिक आवश्यकताओं के बावजूद अपनी अनुषंगी कंपनियों और अनुषंगी की अनुषंगी कंपनियों के वित्तीय विवरण उपलब्ध नहीं कराए। कंपनी ने बिक्री, खरीद, देनदारों, लेनदारों और माल भंडार का पक्षवार ब्योरा भी उपलब्ध नहीं कराया।

इसके लिए कंपनी ने गोपनीयता समझौतों और स्विट्जरलैंड के कानून के तहत लगी पाबंदियों का हवाला दिया था। सेबी ने यह भी पाया कि राजेश एक्सपोर्ट्स ने अपनी विदेशी सहायक कंपनियों और उनकी सहायक कंपनियों से संबंधित आय को शामिल करके समेकित राजस्व काफी अधिक दिखाया था। खातों के एकीकरण में भी विसंगतियां पाई गईं।

सेबी ने तीन दिसंबर, 2024 को बीडीओ इंडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को फॉरेंसिक ऑडिटर नियुक्त किया था। हालांकि, सेबी ने कहा कि पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद कंपनी और दूसरे नोटिस पाने वाले ने अधूरी जानकारी दी तथा फॉरेंसिक ऑडिटर के साथ सहयोग नहीं किया। इससे फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट और जांच पूरी करने में बाधा आई।

पुष्टि आदेश में कई मुद्दों की जांच की गई है। इनमें अलग-अलग और समेकित वित्तीय विवरणों में कथित गलतबयानी, खातों का गलत एकीकरण, अफ्रीका में सोने की खदानों में निवेश से जुड़े दावे, व्यापार से मिलने वाली राशि का व्यापार संबंधी देनदारियों के साथ समायोजन और धन के कथित दुरुपयोग के मामले शामिल हैं। सेबी ने कहा कि नोटिस पाने वाले अंतरिम आदेश में दर्ज प्रथम दृष्टया निष्कर्षों का खंडन करने में विफल रहे।

पहले लगाए गए प्रतिबंधों को बरकरार रखते हुए सेबी ने निर्देश दिया कि मेहता अगले आदेश तक किसी भी तरीके से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड की प्रतिभूतियों को खरीदने, बेचने या उनमें किसी अन्य प्रकार का लेनदेन करने से प्रतिबंधित रहेंगे।

प्रमुख खबरें

केरलम विधानसभा में Power Crisis पर तकरार, नोटिस खारिज होने पर LDF का वॉकआउट

गुजरात: पाटन में Congress कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर बवाल, पुलिस आश्वासन के बाद धरना खत्म

London में Prince William ने Sourav Ganguly और Ajinkya Rahane संग खेला Cricket

बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर Supreme Court के फैसले को असदुद्दीन ओवैसी ने दी चुनौती