सहारा के निवेशकों को सेबी ने लौटाए 129 करोड़, पुनर्भुगतान खातों में राशि बढ़ी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 05, 2021

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सहारा की दो कंपनियों के निवेशकों को नौ वर्षों में लगभग 129 करोड़ रुपये वापस किए हैं। सेबी द्वारा दी जानकारी के मुताबिक पुनर्भुगतान के लिए विशेष रूप से खोले गए बैंक खातों में जमा राशि बढ़कर 23,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। उच्चतम न्यायालय ने अगस्त 2012 के अपने एक आदेश में सहारा की दो कंपनियों के लगभग तीन करोड़ निवेशकों को ब्याज सहित धन वापस करने के लिए कहा था, लेकिन बड़ी संख्या में बॉन्डधारकों द्वारा दावा नहीं करने के चलते सेबी ने पिछले वित्त वर्ष 2020-21 में सिर्फ 14 करोड़ रुपये ही वापस किए थे, जबकि उस साल सेबी-सहारा वापसी खाते में शेष राशि बढ़कर 1,400 करोड़ रुपये हो गई थी।

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सेबी द्वारा दी जानकारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सहारा समूह ने कहा कि उसके अपने अनुमान के अनुसार सहारा-सेबी खाते में ब्याज सहित जमा राशि लगभग 25,000 करोड़ रुपये होनी चाहिए और आरोप लगाया कि ‘‘सेबी ने बिना किसी कारण के सहारा और उसके निवेशक के 25,000 करोड़ रुपये रोककर रखे हैं।’’ सेबी द्वारा धनवापसी के दावे आमंत्रित करने के लिए अखबारों में दिए गए विज्ञापनों का उल्लेख करते हुए सहारा ने कहा कि नियामक ने पिछले विज्ञापन में स्पष्ट कर दिया था कि वह जुलाई 2018 के बाद प्राप्त किसी भी दावे पर विचार नहीं करेगा। सहारा ने एक बयान में कहा, ‘‘इसका मतलब है कि सेबी को अब किसी अन्य दावेदार को भुगतान नहीं करना है और सहारा द्वारा जमा किए गए पूरे 25,000 करोड़ रुपये अनुचित रूप से सेबी के पास हैं और उन्हें सहारा को वापस कर दिया जाना चाहिए। सहारा ने अपने तीन करोड़ निवेशकों से संबंधित सभी मूल दस्तावेज नौ साल पहले सत्यापन के लिए सेबी को सौंप दिए हैं और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 25,000 करोड़ रुपये की यह राशि अंत में सहारा को वापस मिलेगी।’’ समूह ने आगे कहा कि सेबी के लिए सहारा द्वारा जमा किए गए धन को रोकना ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य’’ है।

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