By अभिनय आकाश | Jul 30, 2026
रावलकोट-PoJK के D-चौक पर विरोध प्रदर्शन जारी रहे। प्रदर्शनों के दौरान गोलीबारी और हत्याओं के आरोप लगे हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JKJAAC) से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ने सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जानलेवा बल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। JKJAAC से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारी कई दिनों से D-चौक पर बैठे हैं। वे 'लॉन्ग मार्च' की मांग कर रहे हैं और सुरक्षा बलों की "बर्बरता" और "टारगेट किलिंग" का विरोध कर रहे हैं। इन अकाउंट्स पर शेयर किए गए एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि इमारतों में तैनात हथियारबंद जवान निहत्थे नागरिकों को निशाना बना रहे थे। प्रदर्शनकारी ने कहा जो भाई शहीद हुए, उनमें से ज़्यादातर के सिर में गोली मारी गई—जिसे 'हेडशॉट' कहा जाता है। भाई, हमने ऐसी चीज़ें सिर्फ़ गेम्स और वैसी जगहों पर ही देखी थीं। हमें नहीं पता था कि ये ज़ालिम हमारे साथ ऐसा करेंगे।
JKJAAC कोर कमेटी के सदस्य खान इलियास खान ने कहा कि मौतों के बावजूद प्रदर्शनकारी डटे रहे। खान ने कहा हम दुखी और व्यथित हैं, लेकिन हम निराश नहीं हैं। हम दोगुनी ताकत के साथ फिर से उभरेंगे। हम इन क्रूर शासकों को चुनौती देंगे। हम उन ताकतों को चुनौती देंगे जो हमें आतंकवादी करार देकर मारने के लिए यहां आईं, जबकि हम केवल जन अधिकारों की मांग कर रहे थे।
खान ने आंदोलन के सदस्य ओसामा जमील को भी श्रद्धांजलि दी और कहा, "आखिरकार, वह अमर हो गए। हम, पुंछ के लोग और पूरा कश्मीर, शोक में हैं। अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े अकाउंट्स ने अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता का आह्वान भी किया और ब्राजील के ट्रेड यूनियनों, श्रमिक संगठनों, मानवाधिकार समूहों, छात्र आंदोलनों और कार्यकर्ताओं से कश्मीर में "दमन" के खिलाफ विरोध करने का आग्रह किया। इन अकाउंट्स द्वारा शेयर किए गए एक पोस्टर में गुरुवार, 30 जुलाई को साओ पाउलो में पाकिस्तान दूतावास के कमर्शियल सेक्शन के बाहर "कश्मीर में दमन रोको विरोध प्रदर्शन" की घोषणा की गई। इस बीच, शिवसेना (UBT) की जम्मू-कश्मीर इकाई, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तानी सेना द्वारा कथित नरसंहार और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है।