By अंकित सिंह | Oct 19, 2026
सोमवार, 19 अक्टूबर को घरेलू इक्विटी बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कॉर्पोरेट नतीजों को लेकर चिंता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के बीच प्राइवेट बैंकिंग, आईटी और कंज्यूमर शेयरों में बिकवाली से बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ। इस गिरावट के कारण निवेशकों की लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई। दोपहर के आंकड़ों के अनुसार, BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर लगभग 467.63 लाख करोड़ रुपये रह गया।
सेक्टरल इंडेक्स में, निफ्टी PSU बैंक सबसे ज्यादा 2.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, निफ्टी FMCG में 1.44 प्रतिशत की गिरावट आई। इक्विरस वेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज ने कहा कि पिछले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये के मजबूत होने से बाजारों में मजबूती दिखी थी, लेकिन कमजोर ग्लोबल संकेतों और घरेलू इक्विटी से FII फंड की लगातार निकासी के कारण फिर से बिकवाली देखने को मिली। आगे चलकर बाजारों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिका-ईरान विवाद को लेकर अनिश्चितता और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों (सेफ-हेवन एसेट्स) की ओर ले जाएगी, जिससे वे अपनी इक्विटी होल्डिंग्स बेच सकते हैं।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अडानी पोर्ट्स, L&T, इंडिगो और मारुति प्रमुख फायदे में रहीं, जिनमें से SBIN के शेयरों में आज 1.12 प्रतिशत की तेजी आई। दूसरी ओर, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और ट्रेंट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। आज एक्सिस बैंक के शेयरों में 3.85 प्रतिशत की गिरावट आई। आज सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 5 कंपनियां हरे निशान (मुनाफे) में बंद हुईं, जबकि बाकी 25 कंपनियां लाल निशान (नुकसान) में बंद हुईं। इसी तरह, निफ्टी 50 की 50 कंपनियों में से 9 कंपनियां हरे निशान में रहीं, जबकि बाकी 41 कंपनियां लाल निशान में बंद हुईं।